तेलंगाना में बंपर वोटिंग के बीच आज कुल 1821 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में बंद हो चुकी है। तेलंगाना की 119 विधानसभा सीटों में से 19 अनुसूचित जाति और 12 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। बहरहाल, नतीजे से पहले हम आपको बता रहे हैं कि एग्जिट पोल क्या कहते हैं।
टाइम्स नाउ-सीएनएक्स
| टीआरएस |
66 |
| कांग्रेस |
37 |
| भाजपा |
7 |
| अन्य |
9 |
रिपब्लिक-जन की बात
| टीआरएस |
58 |
| कांग्रेस+टीडीपी |
45 |
| भाजपा |
07 |
पिछले चुनाव की स्थिति
| तेलंगाना राष्ट्र समिति |
63 |
| भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |
21 |
| तेलगू देशम पार्टी |
15 |
| ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) |
7 |
| भारतीय जनता पार्टी |
5 |
| वाईएसआर कांग्रेस |
3 |
वक्त से पहले हुए चुनाव
भारत के सबसे युवा राज्य में दूसरा विधानसभा चुनाव 2019 में होना था मगर मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) के विधानसभा भंग करने के फैसले से बाकि चार राज्यों के साथ तेलंगाना में भी चुनाव कराने की नौबत आई। राजनीतिक पंडितों के माने तो केसीआर अगले साल लोकसभा चुनाव इन चुनावों के होने से बचना चाहते थे। अपनी जीत को लेकर आश्वस्त होने की वजह से उन्होंने चुनाव कराने का फैसला किया।
इस बार चुनाव में कुल 2.72 करोड़ मतदाता थे। चुनाव आयोग ने मतदान केंद्रों की संख्या में पिछले बार से 3.37% का इजाफा करते हुए 1,164 मतदान केंद्र बनाए।
इनके बीच असल टक्कर
असल जंग तेलंगाना राष्ट्र समिति और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, तेलगू देशम पार्टी और वामपंथी दलों के संयुक्त प्रजा कुटमी के बीच देखने को मिली। हैदराबाद की साथ सीटों पर लड़ रही ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) भी किंग मेकर की भूमिका में आई सकती है। भाजपा ने अकेले चुनाव यह विधानसभा लड़ा।