मिजोरम के नागरिक संगठनों और गैर सरकारी संगठनों के साझा मंच ‘कोआर्डिनेशन कमेटी’ के सदस्यों ने राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी एस. बी. शशांक को पद से हटाने की मांग को लेकर मंगलवार को राजधानी आइजल समेत तमाम जिला मुख्यालयों में धरना दिया।
कमेटी ने अपनी मांग के समर्थन में मंगलवार से ‘मिजोरम बचाओ’ आंदोलन शुरू किया है। राज्य के प्रमुख गृह सचिव एल. चुआनगो के तबादले से नाराज लोगों ने शशांक के इस्तीफे की मांग की। मुख्यमंत्री ललथनहवला ने भी सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर शशांक को हटाने की मांग की थी। राज्य में 28 नवंबर को विधानसभा चुनाव होने हैं। इस बीच, चुनाव आयोग ने इस मसले पर राज्य में उभरे गतिरोध पर मुख्य सचिव अरविंद रे, ‘कोआर्डिनेशन कमेटी’ के नेताओं और दूसरे संबंधित पक्षों से बातचीत कर समस्या के समाधान का जिम्मा एक तीन सदस्यीय टीम को सौंपी है।
बताया जाता है कि इस टीम में झारखंड के मुख्य चुनाव अधिकारी एल. खैंग्टे, चुनाव आयोग के निदेशक निखिल कुमार और सचिव एस. बी. जोशी शामिल हैं। विभिन्न संगठनों के आंदोलन एवं धरना प्रदर्शन के कारण राजधानी आइजल समेत तमाम शहरों में मंगलवार को स्कूल कालेज, बाजार और दफ्तर बंद रहे। यहां व्यापारिक संगठनों ने इस बंद का आह्वान किया था।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि चुनाव आयोग ने मिजोरम के ब्रू शरणार्थियों के लिए त्रिपुरा के शरणार्थी शिविरों में मतदान की व्यवस्था करने की पहल का विरोध किया था। लेकिन मुख्य चुनाव अधिकारी ने चुनाव आयोग को पत्र भेज कर शिकायत की थी कि चुआनगो चुनावी प्रक्रिया में दखल दे रहे हैं। इसके बाद आयोग ने गुजरात काडर के इस आईएएस अधिकारी को तमाम जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया था। बता दें कि चुआनगो मूल रूप से मिजोरम के रहने वाले हैं।