भाजपा ने एक पूर्व पादरी और इस महीने होने वाले विधानसभा चुनावों में पार्टी के उम्मीदवार एल.आर.कोलनी को संगठन से निकालने के लिए मिशन फार क्राइस्ट (एमएफसी) के फैसले को पक्षपातपूर्ण करार दिया है। ध्यान रहे क उक्त संगठन ने पूर्णकालिक मिशनरी एल.आर.कोलनी को राजनीति में हिस्सा लेने के लिए संगठन से निकाल दिया था।
वे भाजपा के टिकट पर आइजल पूर्व-1 सीट से मैदान में हैं। लेकिन संगठन ने विपक्षी मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) के टिकट पर मैदान में उतरे संगठन के एक अन्य पदाधिकारी आर.लालथांगलियाना के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।
राज्य में मिशनरी प्रशिक्षण केंद्र चलाने वाले इस संगठन की दलील है कि कोलनी के खिलाफ कार्रवाई इसलिए की गई है कि वे पूर्णकालिक मिशनरी थे जबकि लालथांगलियाना महज कार्यकारिणी सदस्य थे। मिजोरम भाजपा के एक प्रवक्ता ने कहा कि इस फैसले से संगठन का दोहरा रवैया झलकता है।
कोलनी का दावा है कि भाजपा ईसाई-विरोधी पार्टी नहीं है। उसके बारे में जान-बूझ कर ऐसी अफवाह फैलाई गई है। भाजपा की सूची में चर्च के एक अन्य सदस्य लालरुआता भी शामिल हैं। वे लुंगलेई पूर्व सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।