भाजपा पश्चिम बंगाल में महासंग्राम की योजना बना रही है। पश्चिम बंगाल को लेकर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह काफी संवेदनशील हैं। पश्चिम बंगाल के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने भी पूरा चुनावी रण छेड़ रखा है। माना जा रहा है कि भाजपा को लेकर पहली बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। यहां तक कि ममता बनर्जी अपने राजनीतिक एजेंडे में बदलाव करने के लिए भी मजबूर हो रही हैं। वहां आगामी चुनाव में सफलता पाने के लिए भाजपा बड़ी सावधानी से चल रही है। उसकी योजना कूच बिहार या बीर भूमि से अमित शाह को चुनाव लड़ाने की भी है।
पश्चिम बंगाल भाजपा के उपाध्यक्ष रॉबिन चटर्जी का कहना है कि हम भाजपा अध्यक्ष को राज्य से चुनाव लड़ाने की योजना को अंतिम रूप दे रहे हैं। अमित शाह दिसंबर में पांच राज्यों के चुनाव प्रचार की प्रक्रिया खत्म हो जाने के बाद यहां आने वाले हैं। तब उनके सामने बीर भूमि या कूच बिहार से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव पेश किया जाएगा। बताते हैं अभी इस पर उनसे (शाह) केवल शुरुआती पहल हुई है। रॉबिन का कहना है कि अमित शाह के चुनाव मैदान में उतरते ही पश्चिम बंगाल में भाजपा के कार्यकर्ताओं का जोश दोगुना हो जाएगा। ऐसा होने पर काफी बड़ी राजनीतिक छलांग लगा सकते हैं।
पश्चिम बंगाल में भाजपा का मेगा प्लान
राज्य में चुनाव में सफलता पाने के लिए भाजपा ने मेगा प्लान बनाया है। इसमें भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व में पांच दिसंबर को तारा पीठ, सात दिसंबर को कूच बिहार और 9 दिसंबर को गंगा सागर से रथ यात्रा निकालने की योजना है। बताते हैं अमित शाह ने इस दौरान दस दिन तक लगातार पश्चिम बंगाल में रहकर राजनीतिक अभियान को जारी रखने पर अपनी सहमति दे दी है।
हालांकि भाजपा की इस योजना की काट के लिए तृणमूल कांग्रेस, माकपा और कांग्रेस भी अलग-अलग तैयारी कर रही है। कांग्रेस जन संपर्क यात्रा निकालने की तैयारी में है। कुछ ऐसी ही योजना माकपा की भी है। भाजपा की रथ यात्रा में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, असम के मुख्यमंत्री सर्वादानंद सोनवाल और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लव देव भी शामिल रहेंगे। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पश्चिम बंगाल में भारी मांग है।