तो क्या राज्य में चुनावी प्रक्रिया शुरू होने से पहले मिजोरम के मुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ललथनहवला पार्टी के कुछ अन्य विधायकों के साथ भाजपा में शामिल होना चाहते थे? राज्य में 28 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए जोर पकड़ते प्रचार अभियान के बीच प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जे.वी.लूना ने तो यही दावा किया है। दूसरी ओर, कांग्रेस ने उनके इस दावे को मजाक करार दिया है।
भाजपा अध्यक्ष लूना ने यहां पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि विधानसभा चुनाव के नतीजे निकलने के बाद कांग्रेस के तमाम निर्वाचित विधायक उनकी पार्टी में शामिल हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि चुनावों से पहले ललथनहवला ने अरुणाचल प्रदेश की तरह यहां भी प्रदेश कांग्रेस के विलय के लिए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ संपर्क किया था। ललथनहवला पार्टी में शामिल होना चाहते थे।
उधर, प्रमुख विपक्षी दल मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) के एक वरिष्ठ नेता भी यही दावा किया है। उसका कहना है कि भाजपा नेतृत्व ने कांग्रेस नेता की मांगों को ठुकरा दिया था। इसी वजह से सौदा नहीं हो सका। एमएनएफ नेता का कहना है कि ललथनहवला अपनी बेटी को मुख्यमंत्री बनाना चाहते थे और उन्होंने अपने लिए राज्यपाल का पद मांगा था।
दूसरी ओर, राज्य के वित्त मंत्री लालसावता ने इन दावों का खंडन करते हुए इसे एक मजाक बताया है। एक अन्य सवाल पर उनका कहना था कि पार्टी का कोई विधायक भाजपा का दामन नहीं थामेगा।