जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस वी रामसुब्रमण्यम की पीठ ने कहा कि मामले में पहले भी निर्देश दिया गया, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया। ऐसे में यूपी सरकार 24 अगस्त तक कोर्ट के समक्ष हलफनामा दायर करे।
ललितपुर सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता नाबालिग से थाने में यौन शोषण पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को यूपी सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा है। एनजीओ 'बचपन बचाओ आंदोलन' की याचिका पर कोर्ट ने यह निर्देश दिया है। इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने मामले में जवाब दाखिल करने को कहा था, लेकिन यूपी सरकार ऐसा करने में विफल रही थी।
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जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस वी रामसुब्रमण्यम की पीठ ने कहा कि मामले में पहले भी निर्देश दिया गया, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया। ऐसे में यूपी सरकार 24 अगस्त तक कोर्ट के समक्ष हलफनामा दायर करे।
याचिका में पुलिस पर आरोप
एनजीओ के वकील एचएच फुल्का ने पीठ के समक्ष याचिका दायर की थी, जिसमें बताया कि ललितपुर में चार लोगों ने 13 साल की दलित नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। उसके बाद पुलिस थाने में एक एसएचओ ने उसका यौन उत्पीड़न किया।
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इस संबंध में पांच महीने तक पुलिस ने एफआईआर तक दर्ज नहीं की। स्थानीय प्रशासन से उसे कोई मदद नहीं मिली। जब नाबालिग के पिता थाने में मामला दर्ज कराने गए तो पुलिस विभाग ने पीड़िता और उसके परिवार को धमकाया व परेशान किया। नाबालिग की जान को खतरा भी है।