केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने एक ऐसी पहल शुरू की है, जो बचपन से ही स्कूलों में बच्चों को यायावरी यानी घुमक्कड़ी का शौक सिखाएगी। सिर्फ यायावरी ही नहीं, बल्कि अपने देश के टूरिज्म के बारे में भी बच्चों को इस तरह प्रशिक्षित किया जाएगा कि वह आने वाले दिनों में इस दिशा में अपना कैरियर भी बना सके। इसके लिए केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने युवा पर्यटन क्लब स्थापित करने की शुरुआत की है। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के इस अनोखी पहल को सीबीएससी ने न सिर्फ सपोर्ट किया है, बल्कि अपने सभी शिक्षण केंद्रों में युवा पर्यटन क्लब के गठन के लिए दिशानिर्देश भी जारी कर दिए हैं।
क्या है युवा पर्यटन क्लब?
केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी बताते हैं कि इस क्लब के माध्यम से देश के बच्चों को अपने पर्यटन स्थलों और पर्यटन के माध्यम से अपने देश की विरासत को पूरी दुनिया में पहुंचाने के बारे में न सिर्फ जागरूक किया जाएगा, बल्कि उन्हेम इस तरह प्रशिक्षित किया जाएगा कि वह इसमें अपने रोजगार की संभावनाएं भी तलाश कर सकें। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय छात्रों पर शुरुआत से ही इस क्लब के माध्यम से फोकस करेगा कि इन बच्चों को भविष्य में इसी फील्ड में और आगे लेकर जाया जाए। केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी कहते हैं कि भारत एक बेहतर सांस्कृतिक आध्यात्मिक और प्राकृतिक वस्तुओं से भरा हुआ देश है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक भारत श्रेष्ठ भारत के नजरिए से पूरे देश की विरासत को दुनिया के सामने साझा करने का यह एक बड़ा मंच तैयार किया गया है। इस क्लब के सभी सदस्यों को न सिर्फ अपने राज्य और जिलों के बारे में बताया जाएगा बल्कि भविष्य में इन क्लब के सदस्यों को अलग-अलग राज्यों में भेजकर उनकी पर्यटन को समझने के नजरिए को मजबूत भी किया जाएगा।
पर्यटन मंत्रालय से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि युवा पर्यटन क्लब की स्थापना और सीबीएससी का सपोर्ट देश के पर्यटन स्थलों को न सिर्फ मजबूत करेगा, बल्कि इस क्लब के माध्यम से जुड़ने वाले देश के सभी युवाओं और उनके परिजनों को भी भारत की सांस्कृतिक आध्यात्मिक और प्राकृतिक विरासत के बारे में जागरुक कर सकेगा। मंत्रालय के मुताबिक इस अनोखी पहल को शुरू करने के पीछे 'देखो अपना देश' जैसे अभियान को भी आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की सबसे अनूठी योजना को शुरू करने से पहले पूरे देश के पर्यटन स्थलों की इस लिहाज से जानकारी जुटाई गई ताकि क्लब के युवा सदस्य उसकी विविधता और उनके मूल्यों को बेहतर तरीके से समझ सके। केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी कहते हैं कि जब देश का युवा अपने देश की धरोहरों को बेहतर तरीके से समझ सकेगा और भारतीय विरासत का "युवा पर्यटन क्लब" के माध्यम से राज्यों के तहत आदान प्रदान हो सकेगा। इसके अलावा जो युवा पर्यटन के दिशा में अपना कैरियर बनाना चाहेंगे उनको मंत्रालय न सिर्फ पूरी सपोर्ट करेगा बल्कि भविष्य के लिहाज से ऐसे युवा छात्रों को तैयार भी करेगा जिससे उनको रोजगार भी मिल सकेगा।