प्रेस व पत्रिकाओं के पंजीकरण अधिनियम के अधिसूचित होने के बाद नियमों के लिए सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने शुक्रवार को प्रस्तावित मसौदा जनता की रायशुमारी के लिए पेश किया है।
जनता और हित धारक प्रेस और पत्रिका पंजीकरण अधिनियम-2023 पीआरपी के तहत पंजीकरण नियम-2024 के लिए 4 फरवरी तक सुझाव दे सकेंगे। प्रेस व पत्रिकाओं के पंजीकरण अधिनियम के अधिसूचित होने के बाद नियमों के लिए सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने शुक्रवार को प्रस्तावित मसौदा जनता की रायशुमारी के लिए पेश किया है। इसके तहत प्रेस और पत्रिकाओं के पंजीकरण अधिनियम-2023 के प्रावधानों को लागू करने के लिए नियम प्रस्तावित हैं।
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सरल और डिजिटल होगा पत्रिकाओं का पंजीकरण
यह कानून समाचार पत्रों, और अन्य पत्रिकाओं के पंजीकरण को सरल और डिजिटल बनाएगा। इसके तहत पंजीकरण से जुड़े मामलों के समाधानों के लिए एक अपील बोर्ड की स्थापना का प्रावधान किया गया है। प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, प्रेस रजिस्ट्रार जनरल (पीआरजी) किसी पत्रिका के खिलाफ शिकायत मिलने पर कई तरह की जानकारियों, संदर्भ और प्रसार आंकड़ों के प्राप्त होने की स्थिति में उनके भौतिक सत्यापन के लिए केंद्र सरकार के अधिकारियों को अधिकृत कर सकता है। पीआरजी को सशक्त किए जाने का प्रावधान किया गया है।