भूकंप की सटीक जानकारी के लिए पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय विशेष निगरानी तंत्र विकसित करेगा ताकि शुक्रवार रात को आए भूकंप को लेकर वेबसाइट और एप पर गलत जानकारी देने जैसी घटनाएं दोबारा न हों। मंत्रालय के सचिव एम राजीवन ने शनिवार को आपात बैठक कर घटना पर गहरी नाराजगी जताई।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बैठक में कहा गया कि भूकंप का केंद्र कजाकिस्तान में था और भारत के पास भूगर्भ गतिविधियों को मापने का यंत्र लेह लद्दाख तक ही है। इससे ऊपर उसके पास कोई स्वदेशी नेटवर्क नहीं है।
शुक्रवार रात को अमृतसर में भूकंप का केंद्र होने को लेकर हुई चूक की असल वजह भारतीय मापक यंत्रों द्वारा स्थानीय स्तर पर भूगर्भ गतिविधियों की निगरानी की जाती है, ऐसे में जब कजाकिस्तान में भूकंप आया तो भारतीय भूगर्भ मापक यंत्र को कमजोर सिग्नल मिले जिससे सटीक जानकारी सिस्टम को नहीं मिल सकी।
सूत्रों का कहना है कि इस मामले की जांच की जा रही है ताकि सटीक सूचना के लिए सॉफ्टवेयर द्वारा मिलने वाली जानकारी को फिल्टर कर, उसकी सत्यता परखने के बाद ही एप और वेबसाइट पर जारी करने के लिए जरूरी एहतियात बरतने पर सहमति बनी है।