संघ प्रमुख मोहन भागवत (फाइल फोटो)
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राष्ट्रीय सेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार को कहा कि भारतीयों का मानसिकता विविधता में एकता ढूंढने की है न कि एकता में विविधता। उन्होंने कहा कि इन दिनों जाति, धर्म और राजनीतिक जुड़ाव के आधार पर मतभेद समाज पर भारी पड़ रहे हैं।
राष्ट्रीय राजधानी में मेडिकल डायलिसिस के उद्घाटन के मौके पर उन्होंने कहा कि सारी दुनिया समाज के भीतर मतभेदों को गलत दृष्टिकोण से देखने से पीड़ित है। ऐसे में भारतीयों को इस प्रवृति को सुधारने में नेतृत्व करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम (भारतीय) एकता में विविधता नहीं देखते, हम विविधता में एकता देखते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि संघ का कार्यकर्ता बिना हमेशा बिना नाम और शोहरत की परवाह किए बिना समाज के कल्याण के लिए काम करता है।