फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महादयी विवाद: गोवा के मंत्री बोले- नदी मोड़ने की कर्नाटक की योजना अटक सकती है, सुप्रीम कोर्ट करेगा फैसला

Sun, 12 Feb 2023 07:47 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी

सार

शिरोडकर ने बताया कि गोवा सरकार ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कर्नाटक को पहले ही कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। नदी के पानी के मोड़ का असर महादयी वन्यजीव अभयारण्य पर भी पड़ेगा जो नीचे की ओर स्थित है। उन्होंने आगे कहा कि वन्यजीव या वन मंजूरी के अभाव में इस परियोजना को खत्म कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
गोवा के मंत्री सुभाष शिरोडकर। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महादयी नदी के पानी के बंटवारे को लेकर गोवा और कर्नाटक के बीच लंबे समय से विवाद है। इस बीच, गोवा के मंत्री सुभाष शिरोडकर ने रविवार को मामले में कहा है कि दो बांध बनाकर महादयी नदी के पानी को मोड़ने की कर्नाटक की योजना पूरी नहीं हो पाएगी। उन्होंने कहा कि उन्हें वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मंजूरी ही नहीं मिल पाएगी। कर्नाटक और गोवा के बीच कई वर्षों से नदी के पानी के बंटवारे को लेकर खींचतान चल रही है। गोवा अक्सर कर्नाटक पर समझौतों की अनदेखी करके इस मामले में एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाता रहा है।  

विज्ञापन


रविवार को इस मुद्दे पर गोवा के मंत्री सुभाष शिरोडकर ने कहा कि दो बांधों के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट केंद्र द्वारा कर्नाटक को दी गई मंजूरी सिर्फ शुरुआत है। यह पहला कदम है और अभी कर्नाटक को 100 और कदम उठाने होंगे। शिरोडकर ने आगे कहा कि यह विवाद 22 सालों से भी अधिक समय से जारी है। मुझे यकीन है कि महादयी के पानी को मोड़ने की कर्नाटक की योजना विफल हो जाएगी।

शिरोडकर ने बताया कि गोवा सरकार ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कर्नाटक को पहले ही कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। नदी के पानी के मोड़ का असर महादयी वन्यजीव अभयारण्य पर भी पड़ेगा जो नीचे की ओर स्थित है। उन्होंने आगे कहा कि वन्यजीव या वन मंजूरी के अभाव में इस परियोजना को खत्म कर दिया जाएगा। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय नदी को मोड़ने की अनुमति नहीं देगा।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि यह मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। जहां तीन राज्यों गोवा, महाराष्ट्र और कर्नाटक ने अंतर राज्य जल विवाद न्यायाधिकरण द्वारा दिए गए फैसले पर आपत्ति जताई है। मुझे विश्वास है कि गोवा केस जीत जाएगा। हमारे वकील मामले में मजबूती से पक्ष रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि आखिर में अदालत का फैसला नदी के भाग्य का फैसला करेगा।  

इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि गोवा को अभी तक कर्नाटक की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट की प्रमाणित हार्ड कॉपी नहीं मिली है, जिसे केंद्र द्वारा अनंतिम रूप से पारित किया गया है। सुप्रीम कोर्ट में गोवा का बयान एक डिजिटल प्रति (डीपीआर) के आधार पर था, केंद्र सरकार चाहे तो डीपीआर वापस ले सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें