आईटीबीपी के डीजी शत्रुजीत कपूर
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अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन बॉर्डर पर तनाव जारी है, पिछले दिनों यह बताने वाले आईटीबीपी के डीजी शत्रुजीत कपूर 31 अक्तूबर को रिटायर हो रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आईटीबीपी में नियमित डीजी की नियुक्ति होने तक एसएसबी के डीजी संजय सिंघल को आईटीबीपी डीजी का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। आईटीबीपी डीजी के लिए कई आईपीएस दौड़ में बताए जा रहे हैं।
बता दें कि 1990 बैच के हरियाणा कैडर के आईपीएस अधिकारी कपूर को इस साल 15 जनवरी को आईटीबीपी का डीजी लगाया गया था। इससे पहले वे हरियाणा के पुलिस महानिदेशक थे। हरियाणा के एडीजीपी वाई पूरन कुमार के सुसाइड केस में तत्कालीन डीजीपी शत्रुजीत कूपर पर गंभीर आरोप लगे थे। अक्टूबर 2025 में आईपीएस वाई पूरन कुमार ने आत्महत्या कर ली थी। उनके सुसाइड नोट में तत्कालीन डीजीपी शत्रुजीत कपूर और उस वक्त रोहतक के एसपी रहे 2015 बैच के आईपीएस नरेंद्र बिजारणिया सहित कई अफसरों का नाम लिखा था।
वाई पूरन कुमार के परिजनों ने उक्त अफसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए चंडीगढ़ पुलिस को शिकायत दी थी। हालांकि सरकार ने कपूर को डीजीपी के पद से हटा दिया था। उनके साथ ही रोहतक के एसपी को भी पद छोड़ना पड़ा था।
बाद में कपूर को आईटीबीपी का डीजी लगा दिया गया। कपूर, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के करीबी माने जाते हैं। पिछले सप्ताह शत्रुजीत कपूर ने अलवर में एक कार्यक्रम के दौरान यह बयान दिया था कि अरुणाचल प्रदेश से लगते भारत-चीन बॉर्डर पर सैनिकों के बीच तनाव जारी है। कई बार दोनों देशों के सैनिक आमने-सामने आ चुके हैं। इसके बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा था।