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West Bengal: 'राजद्रोह कानून के प्रावधानों को वापस लेने के नाम पर मनमाने कदम उठा रहा MHA', ममता बनर्जी का आरोप

Wed, 11 Oct 2023 06:32 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

West Bengal: ममता बनर्जी ने कहा कि पहले राजद्रोह कानून था। अब उन प्रावधानों को वापस लेने के नाम पर वे प्रस्तावित भारतीय न्याय संहिता में अधिक गंभीर और मनमाने उपाय पेश कर रहे हैं, जो नागरिकों को अधिक गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं।'
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ममता बनर्जी - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) राजद्रोह कानून के प्रावधानों को वापस लेने के नाम पर प्रस्तावित भारतीय न्याय संहित में और अधिक सख्त व मनमाने कदम उठा रहा है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को यह आरोप लगाया। 

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बनर्जी ने दावा किया कि गृह मंत्रालय द्वारा भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को प्रतिस्थापित करने की कोशिश में चुपचाप सख्त व कठोर नागरिक विरोधी प्रावधानों को पेश करने का गंभीर प्रयास किया जा रहा है।  

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'पहले राजद्रोह कानून था। अब उन प्रावधानों को वापस लेने के नाम पर वे प्रस्तावित भारतीय न्याय संहिता में अधिक गंभीर और मनमाने उपाय पेश कर रहे हैं, जो नागरिकों को अधिक गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं।'

बनर्जी ने कहा कि वह भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के स्थान पर केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा तैयार किए गए मसौदों को पढ़ रही हैं और वह यह देखकर हैरान हैं कि चुपचाप बहुत सख्त और कठोर नागरिक विरोधी प्रावधानों को लागू करने का गंभीर प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने देश के न्यायविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से आपराधिक न्याय प्रणाली के दायरे में लोकतांत्रिक योगदान के लिए इन मसौदों का गंभीरता से अध्ययन करने का आग्रह किया। बनर्जी ने सोशल मीडिया हैंडल में लिखा कि संसद में उनके सहयोगी स्थायी समिति में इस मुद्दे को उठाएंगे।  
 
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तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि अनुभवों के आलोक में कानूनों में सुधार की जरूरत है, लेकिन औपनिवेशिक अधिनायकवाद को दिल्ली में पिछले दरवाजे से प्रवेश की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
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