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रेलवे की जमीन पर भी खर्च हो सकेगा मनरेगा का धन

Tue, 28 Jun 2016 01:35 AM IST
एम संजय/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : PTI
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अब रेलवे की जमीन पर भी मनरेगा का पैसा खर्च हो सकेगा। इस प्रयास में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय और रेलवे के शीर्ष अधिकारी अगले सप्ताह बैठक करने वाले हैं। बताया जा रहा है कि इस पहल को अमली जामा पहनाने के लिए पीएम मोदी का सख्त निर्देश है।
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मनरेगा के जरिए होने वाले कार्यों में रेलवे भूमि के कार्य को खुद पीएम मोदी ने जोड़ने का आह्वान किया था। उनके ऐलान के बाद ग्रामीण विकास मंत्रालय ने पिछले वर्ष 14 सितंबर को एक परिपत्र जारी किया था। मगर रेलवे की बेरुखी की वजह से ग्रामीण विकास मंत्रालय की यह पहल जमीन पर नहीं उतर पा रही थी।

बताया जा रहा है कि रेलवे के बड़े ठेकेदार इस पहल के पक्ष में नहीं थे। ठेकेदारों चाहते हैं कि रेल लाइनों के किनारे खाली पड़ी जमीनों के समतलीकरण का कार्य मनरेगा के बजाय मशीन के जरिए हो। रेलवे के क्षेत्रीय अधिकारी भी ठेकेदारों का हित साधते दिखे।
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पीएम की सख्ती के बाद पहल को जमीन पर उतारने के लिए न सिर्फ ग्रामीण विकास मंत्रालय हरकत में आया है, बल्कि रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने व्यक्तिगत रुचि दिखाई है। मनरेगा के तहत अब गांवों में खाली पड़ी रेलवे की जमीनों का समतलीकरण, उन पर बांध बनाने, जलभराव के अड्डे विकसित करने के अलावा पौधे लगाए जा सकेंगे।

ग्रामीण विकास मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार इस पहल की राह में सबसे बड़ा रोड़ा रेलवे के कुछ बड़े ठेकेदार थे। जो समतलीकरण के काम में बड़ी-बड़ी मशीन का उपयोग कर मोटा माल कमाते हैं। लेकिन रेलवे की जमीन पर मनरेगा के मद से विकास कार्य को मंजूरी मिलने से ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और योजना में हो रहे भ्रष्टाचार पर भी रोक लगेगी।

यूपीए सरकार ने भी मनरेगा में 30 अतिरिक्त कार्यों को जोड़ा था। सूत्र बताते हैं कि ग्रामीण विकास मंत्रालय ने विशेष रुचि लेते हुए रेलवे की तरफ से आ रही अड़चनों को दूर करने में सफलता हासिल कर ली है। दोनों मंत्रालयों के शीर्ष अधिकारी अगले सप्ताह बैठक कर मामले में आ रही उलझनों को दूर करेंगे और महत्वाकांक्षी पहल के बिंदुओं को अंतिम रूप देंगे।
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Published By Rahul Sankrityayan
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