कागज का उत्पादन करने वाली एक कंपनी की सह संस्थापक महिला ने मंगलवार को दावा किया कि मशहूर चित्रकार जतिन दास ने 14 साल पहले उसका यौन उत्पीड़न किया था। दास ने आरोपों को ‘अश्लील’ बताते हुए खारिज कर दिया। दास देश में जोर पकड़ चुके ‘मी टू’ अभियान के तहत यौन शोषण के आरोपों का सामना करने वाली सबसे नई व चर्चित हस्ती हैं।
निशा बोरा नाम की महिला ने ट्विटर पर दास से जुड़ी अपनी घटना की जानकारी साझा की। उसने कहा कि वह तब 28 साल की थी और दास ने एक रात्रिभोज कार्यक्रम के दौरान उससे पूछा कि क्या ‘उनके सामान को व्यवस्थित करने में मदद के लिए उसके पास समय और इच्छा है।’
और जब उसने प्रस्ताव स्वीकार कर लिया तो काम के दूसरे दिन दास ने खिड़की गांव स्थित अपने स्टूडियो में उसका यौन उत्पीड़न किया। निशा ने ट्विटर पर लिखा, ‘उन्होंने मुझे पकड़ने की कोशिश की। मैं उनके पकड़ से निकल गई, गुस्सा दिखाया। इसके बाद उन्होंने फिर से एसा किया। मैंने उन्हें धक्का दिया और उनसे दूर चली गई।