अब तक राहुल गांधी के अलावा संसद सदस्यता गंवाने वालों में कांग्रेस के रशीद मसूद, आरजेडी के लालू यादव, जेडीयू के जगदीश शर्मा, एनसीपी के मोहम्मद फैजल और डीएमके के टीएम सेल्वागणपति शामिल हैं। इनमें रशीद मसूद व सेल्वागणपति राज्यसभा सदस्य थे, जबकि शेष लोकसभा सदस्य थे। कांग्रेस अकेली पार्टी है, जिसके एक से ज्यादा सांसद ने आपराधिक मामले में दोषी पाए जाने के बाद संसद सदस्यता गंवाई है।
संसद की सदस्यता गंवाने वाले सांसद
रशीद मसूद (राज्यसभा)
कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य मसूद को अक्तूबर 2013 में आयोग्य घोषित किया गया था।
-उन्हें अवैध तरीके एमबीबीएस सीट आवंटन के मामले में सीबीआई अदालत ने चार साल जेल की सजा सुनाई गई।
लालू यादव (लोकसभा)
राष्ट्रीय जनता दल के सारन, बिहार से सांसद लालू यादव को सीबीआई ने चारा घोटाले में दोषी पाया और 5 वर्ष कारावास की सजा सुनाई।
-इसी आधार पर लालू को अक्तूबर 2013 में लोकसभा सदस्यता गंवानी पड़ी।
जगदीश शर्मा (लोकसभा)
जदयू के बिहार में जहानाबाद से सांसद जगदीश शर्मा को चारा घोटाले में चार वर्ष कारावास की सजा सुनाई गई थी। लालू के साथ अक्तूबर 2013 में इन्हें भी अपनी सदस्यता से हाथ धोना पड़ा था।
टीएम सेल्वागणपति (राज्यसभा)
द्रमुक के राज्यसभा सदस्य टीएम सेल्वागणपति को क्रिमैशन शेड घोटाले में दो वर्ष कैद की सजा हुई।
-2014 में सजा सुनाए जाने से पहले ही उन्होंने त्यागपत्र दिया। उन्हें अयोग्य भी घोषित किया गया।
मोहम्मद फैजल खान (लोकसभा)
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के लक्षद्वीप से सांसद फैजल को हत्या के मामले में 10 वर्ष कैद की सजा हुई। 13 जनवरी, 2023 को लोकसभा सदस्यता गंवानी पड़ी।
विधायकी गंवाने वाले जनप्रतिनिधि
जे. जयललिता
तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता (अन्नाद्रमुक) को आय से अधिक संपत्ति के मामले में 2017 चार वर्ष कैद और 100 करोड़ जुर्माने की सजा सुनाई गई थी।
-वे देश की पहली मुख्यमंत्री थीं, जिन्हें पद पर रहते हुए अयोग्य घोषित किया गया।
आजम खान
समाजवादी पार्टी के रामपुर, उत्तर प्रदेश के विधायक आजम खान को 2019 में नफरती भाषण के मामले में दोषी ठहराया गया।
-अक्तूबर 2022 में यूपी विधानसभा की सदस्यता से हाथ धोना पड़ा।
कुलदीप सेंगर
दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद फरवरी 2020 में सेंगर को यूपी विधानसभा सदस्यता से हाथ धोना पड़ा।
-सेंगर, उन्नाव जिले के बांगरमऊ विधानसभा क्षेत्र से चुने गए थे।
अब्दुल्ला आजम खान
आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम खान 2008 में हाईवे पर धरने के दोषी ठहराए गए। सदस्यता भी गई।
अनिल कुमार साहनी
राजद विधायक ने फर्जी एयर टिकट के आधार पर 2012 में 23 लाख का यात्रा भत्ता उठाया। 2022 में अयोग्य।
अनंत सिंह
घर में अवैध हथियार रखने में बिहार के आरजेडी विधायक की जुलाई 2022 में सदस्यता गई।
प्रदीप चौधरी
हरियाणा में कालका से कांग्रेस विधायक जनवरी 2021 में हमले में दोषी। तीन वर्ष कैद। अयोग्य घोषित।
विक्रम सिंह सैनी
2013 के मुजफ्फरनगर दंगे में खतौली के विधायक को दो वर्ष कैद की सजा। अक्तूबर 2022 में सदस्यता गई।
आशा रानी
मध्य प्रदेश में बिजावर की भाजपा विधायक अपनी नौकरानी को आत्महत्या के लिए उकसाने में दोषी। 2013 में सदस्यता गई।
सुरेश हल्वांकर
महाराष्ट्र के इचलकरंजी से भाजपा के विधायक सुरेश हल्वांकर को जून 2015 में बिजली चोरी के मामले में दोषी पाए जाने पर अयोग्य घोषित किया गया।
एनोस एक्का
झारखंड पार्टी के नेता को शिक्षक की हत्या में उम्रकैद। 2014 में अयोग्य घोषित।
बाबनराव घोलाप
महाराष्ट्र के शिवसेना विधायक आय से अधिक संपत्ति के मामले में 3 वर्ष कैद। 2014 में सदस्यता गंवानी पड़ी।
कमल किशोर भगत
हत्या के मामले में लोहारदगा, झारखंड के विधायक दोषी। जून 2015 में अयोग्य घोषित।
कई राज्यों की विधानसभा में हंगामा
राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द किए जाने के विरोध में बिहार, महाराष्ट्र और ओडिशा की विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। बिहार विधानसभा में सत्तारूढ़ दल में शामिल जदयू को छोड़कर सभी पार्टी के नेताओं ने जमकर हंगामा किया। महाराष्ट्र विधानसभा में कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के विधायकों ने राहुल गांधी के समर्थन में विधानसभा से वॉकआउट किया।
दोनों दलों ने विधान भवन की सीढ़ियों पर विरोध प्रदर्शन किया। ओडिशा विधानसभा में कांग्रेसियों ने नारे लगाए। हंगामे की वजह से कई बार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। उन्होंने भाजपा विरोधी नारे लगाए और राहुल गांधी के लिए न्याय की मांग की। उधर, मध्य प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ट्रेन रोककर विरोध दर्ज कराया।