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मेघालय: कोयला खदान में फंसे मजदूरों की तलाश जारी, नौसेना को मिले कुछ कंकाल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिलांग Published by: Shilpa Thakur Updated Fri, 18 Jan 2019 09:10 AM IST

सार

  • 200 फीट की गहराई से एक मजदूर का शव बरामद।
  • नौसेना को आरओवी के जरिए मिले कुछ कंकाल।
  • 13 दिसंबर से कोयला खदान में फंसे हैं 15 मजदूर।
  • बचाव अभियान अभी भी जारी है।
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एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि खदान में अधिक सल्फर होने के कारण शवों का अपघटन हो गया है। फॉरेंसिर एक्सपर्ट्स को डीएनए टेस्ट के लिए बुलाया गया है ताकि मजदूरों की पहचान हो सके। इस टीम के शाम तक आने की संभावना है। 

 




वहीं गुरुवार को ही राज्य की ईस्ट जयंतिया हिल्स स्थित इस गैरकानूनी कोयला खदान से 200 फीट की गरहाई से एक मजदूर का शव भी मिला है। इस जॉइंड रेस्क्यू ऑपरेशन में स्थानीय कर्मियों के अलावा, एनडीआरएफ, भारतीय नौसेना भी शामिल है। खदान से पानी निकालने के लिए हाई पावर पंपों का इस्तेमाल किया जा रहा है।


अडिश्नल डिप्टी कमिश्नर ने बताया, नौसेना द्वारा संचालित आरओवी ने एक शव बरामद किया है। बचावकर्ताओं ने खदान से पानी निकालने की कोशिश की, इसके लिए हाई पावर वाले पंप का इस्तेमाल किया गया, लेकिन अधिक सफलता नहीं मिल पाई। इसके बाद नौसेना ने पानी के भीतर रिमोट से संचालित होने वाले वाहन का प्रयोग किया। करीब 200 बचावकर्ता इस काम में लगे हुए हैं।  


इससे पहले बीते हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से बचाव अभियान जारी रखने को कहा था। कोर्ट ने केेंद्र और राज्य सरकार से कहा था कि मजदूरों को बचाने के प्रयास लगातार किए जाएं और विशेषज्ञों की सहायता भी ली जाए।


सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा था कि जो लोग अवैध खदान चला रहे थे उनके खिलाफ और जिन अधिकारियों ने अवैध खदान को इजाजत दी उनपर कार्रवाई हुई? जस्टिस एके सीकरी के नेतृत्व वाली बेंच ने कहा, 'अपने बचाव कार्य को जारी रखें। क्या होगा अगर उनमें से कुछ या सभी अभी भी जिंदा हुए तो? चमत्कार होते रहते हैं।'

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