Meghalaya-Nagaland Elections: मेघालय में BJP, नगालैंड में कांग्रेस से सबसे कम दागी, टॉप-3 आपराधिक प्रत्याशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Mon, 27 Feb 2023 07:49 AM IST
सार
मेघालय के आंकड़े देखें तो 375 प्रत्याशियों में से 21 पर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। सबसे ज्यादा 50 प्रतिशत दागी प्रत्याशी गारो नेशनल काउंसिल (GNC) के हैं, जबकि सबसे कम दो फीसद भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। नगालैंड में 184 में से केवल सात प्रत्याशी ही दागी हैं।
मेघालय और नगालैंड विधानसभा चुनाव 2023
- फोटो : अमर उजाला
नॉर्थ ईस्ट के दो महत्वपूर्ण राज्य मेघालय और नगालैंड में मतदान शुरू हो चुका है। दोनों ही राज्यों में 60-60 विधानसभा सीटें हैं। हालांकि, आज दोनों ही राज्यों की 59-59 सीटों पर मतदान हो रहा है। नगालैंड में एक सीट पर भाजपा प्रत्याशी निर्विरोध चुनाव जीत चुके हैं, जबकि मेघालय की एक सीट का चुनाव यूडीपी उम्मीदवार की मृत्यु के कारण स्थगित कर दिया गया है।
मेघालय की 60 सीटों पर कुल 375 प्रत्याशी मैदान में हैं, जबकि नगालैंड में 184 प्रत्याशियों ने ताल ठोकी है। आंकड़े देखें तो 375 प्रत्याशियों में से 21 पर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। सबसे ज्यादा 50 प्रतिशत दागी प्रत्याशी गारो नेशनल काउंसिल (GNC) के हैं, जबकि सबसे कम दो फीसद भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। नगालैंड में 184 में से केवल सात प्रत्याशी ही दागी हैं।
इनमें सबसे ज्यादा आरपीपी के 100 फीसदी और सबसे कम कांग्रेस के चार फीसदी प्रत्याशी दागी हैं। आइए जानते हैं किस पार्टी ने किस राज्य में कितने दागियों को टिकट दिया है? दोनों राज्यों के टॉप-3 आपराधिक प्रत्याशी कौन-कौन हैं?
मेघालय और नगालैंड विधानसभा चुनाव 2023
- फोटो : अमर उजाला
नॉर्थ ईस्ट के दो महत्वपूर्ण राज्य मेघालय और नगालैंड में मतदान शुरू हो चुका है। दोनों ही राज्यों में 60-60 विधानसभा सीटें हैं। हालांकि, आज दोनों ही राज्यों की 59-59 सीटों पर मतदान हो रहा है। नगालैंड में एक सीट पर भाजपा प्रत्याशी निर्विरोध चुनाव जीत चुके हैं, जबकि मेघालय की एक सीट का चुनाव यूडीपी उम्मीदवार की मृत्यु के कारण स्थगित कर दिया गया है।
मेघालय की 60 सीटों पर कुल 375 प्रत्याशी मैदान में हैं, जबकि नगालैंड में 184 प्रत्याशियों ने ताल ठोकी है। आंकड़े देखें तो 375 प्रत्याशियों में से 21 पर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। सबसे ज्यादा 50 प्रतिशत दागी प्रत्याशी गारो नेशनल काउंसिल (GNC) के हैं, जबकि सबसे कम दो फीसद भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। नगालैंड में 184 में से केवल सात प्रत्याशी ही दागी हैं।
इनमें सबसे ज्यादा आरपीपी के 100 फीसदी और सबसे कम कांग्रेस के चार फीसदी प्रत्याशी दागी हैं। आइए जानते हैं किस पार्टी ने किस राज्य में कितने दागियों को टिकट दिया है? दोनों राज्यों के टॉप-3 आपराधिक प्रत्याशी कौन-कौन हैं?
पहले मेघालय के आंकड़े जान लीजिए
मेघालय में इस बार 13 राजनीतिक दल, जिनमें भाजपा, कांग्रेस, एनपीपी और तृणमूल कांग्रेस के कुल 375 उम्मीदवार चुनावी मैदान में है। इनमें 36 महिला उम्मीदवार भी शामिल हैं। मेघालय चुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने 59-59 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने 56 उम्मीदवारों को टिकट दिया है। इसके अलावा सीएम कोनराड के. संगमा के नेतृत्व वाली एनपीपी ने 57 उम्मीदवारों, यूडीपी ने 46, एचएसपीडीपी ने 11, पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट ने 9, गण सुरक्षा पार्टी ने एक, गारो नेशनल काउंसिल ने दो, जनता दल (यूनाइटेड) ने तीन उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है।
यहां सबसे ज्यादा 50 प्रतिशत दागी प्रत्याशी गारो नेशनल काउंसिल (GNC) के हैं। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) के 17 फीसदी प्रत्याशियों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। एनपीपी के 11 प्रतिशत दागी प्रत्याशी हैं। राष्ट्रीय पार्टियों की बात करें तो कांग्रेस के छह प्रतिशत और सबसे कम भाजपा के दो प्रतिशत प्रत्याशियों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। तृणमूल कांग्रेस के पांच फीसदी प्रत्याशी दागी हैं।
इन तीन उम्मीदवारों पर सबसे ज्यादा मुकदमे
1. बर्नार्ड एन मारक : भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर वेस्ट गारो हिल्स जिले की साउथ तुरा सीट से चुनाव लड़ रहे बर्नार्ड एन मारक पर सबसे ज्यादा 14 मुकदमे दर्ज हैं। आईपीसी की 22 गंभीर धाराएं लगी हुई हैं। इसके अलावा 25 अन्य धाराएं भी हैं।
2. चैंपियन आर संगमा : कांग्रेस के टिकट पर ईस्ट गारो हिल्स जिले की सोंगसाक सीट के उम्मीदवार संगमा पर 12 मुकदमे हैं। संगमा मेघालय के दूसरे सबसे ज्यादा आपराधिक मुकदमों वाले प्रत्याशी हैं। इनपर आईपीसी की 22 गंभीर और 18 अन्य धाराएं लगी हुईं हैं।
3. विंसेंट टी संगमा : तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर ईस्ट खासी हिल्स जिले की मौसिनराम विधानसभा सीट से उम्मीदवार विंसेंट टी संगमा तीसरे सबसे ज्यादा दागी प्रत्याशी हैं। विंसेंट पर कुल चार आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। आईपीसी की सात धाराएं गंभीर हैं, जबकि दो सामान्य।
नगालैंड के आंकड़े भी देख लीजिए
यहां 60 सीटों पर कुल 184 प्रत्याशी मैदान में हैं। भारतीय जनता पार्टी और नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) का गठबंधन हुआ है। इसके तहत एनडीपीपी ने 40 और भाजपा ने 20 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं। इसके अलावा कांग्रेस और एनपीएफ अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस ने 23 और एनपीएफ ने 22 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। 19 निर्दलीय प्रत्याशियों ने ताल ठोकी है। नगालैंड में राइजिंग पीपल्स पार्टी ने केवल एक सीट पर प्रत्याशी उतारा है और वह भी दागी है। इसके अलावा एनडीपीपी के दो, कांग्रेस, एनपीएफ, भाजपा के एक-एक प्रत्याशी दागी हैं।
टॉप-3 दागी प्रत्याशी
1. वी. पुशिका अमोई : दिमापुर जिले की घसपानी-1 सीट से निर्दलीय प्रत्याशी वी. पुशिका अमोई पर सबसे ज्यादा तीन मुकदमे दर्ज हैं। इसमें नौ गंभीर धाराएं हैं, जबकि 23 अन्य आईपीसी की धाराएं लगी हुईं हैं।
2. विकाटो आये : दिमापुर जिले की घसपानी-1 सीट से एनपीएफ प्रत्याशी विकाटो पर एक मुकदमा दर्ज है। इसमें आईपीसी की पांच गंभीर और 11 अन्य धाराएं लगी हुईं हैं।
3. ए पैंगजंग जमीर : मोकोकचुंग जिले की टुली विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी ए पैंगजंग जमीर पर एक मामला दर्ज है। इसमें आईपीसी की एक गंभीर धारा लगी हुई है।