भाजपा की लोकसभा सांसद मीनाक्षी लेखी ने शनिवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खुद को शिवभक्त बताने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल को भगवान राम पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।लेखी ने कहा कि वर्ष 2007 में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में राम सेतु पर दाखिल अपने हलफनामे में भगवान राम के अस्तित्व से ही इनकार कर दिया था।
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खुद के शिवभक्त होने का दावा करने से पहले राहुल को भगवान राम के अस्तित्व को स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का विरोध करने पर भी सवाल उठाए।
नई दिल्ली लोकसभा सीट से सांसद लेखी ने कहा कि उन्होंने जनवरी 2014 में नोटबंदी पर यूपीए सरकार की घोषणा का विरोध किया था क्योंकि इससे आम जनता को नुकसान पहुंचता। उस वक्त ज्यादातर लोगों के पास बैंक खाते तक नहीं थे। यूपीए ने 2005 से पहले जारी नोटों को वापस लेने का कदम उठाया था। लोगों से 31 मार्च 2014 से पहले इन्हें नए नोटों से बदलने को कहा गया था।
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केंद्र की मोदी सरकार की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने जनधन योजना के तहत गरीबों के 27 करोड़ बैंक खाते खोले और इसके बाद नोटबंदी की। उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के चुनाव नतीजे सरकार के फैसलों की पुष्टि कर रहे हैं।