जुलाई-सितंबर तिमाही के जीडीपी आंकड़े जारी कर दिए गए हैं। जुलाई-सितंबर की जीडीपी बढ़कर के 6.3 फीसदी हो गई है। जीडीपी के इन आंकड़ों से सरकार में उत्साह है। जीएसटी लागू होने के बाद आए इन आंकड़ों के मुताबिक कोर सेक्टर में 4.7 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिली हैं। पिछली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 5.7 फीसदी रही थी।
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दिखेगा जीएसटी का असर
दूसरी तिमाही में भी जीएसटी का असर दिखना संभव है। हालांकि तिमाही आधार पर जीडीपी में रिकवरी देखने को मिल सकती है। दूसरी ओर सरकार का मानना है कि नवंबर-दिसंबर में जीएसटी कलेक्शन में कमी संभव है। ज्यादा रिफंड और रेट घटने से जीएसटी कलेक्शन में कमी आ सकती है।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा, क्या जीडीपी में उछाल नोटबंदी और जीएसटी का असर है? इस सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कुल 10175 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 65.5 फीसदी (6665 वोट) लोगों ने 'हां' में जवाब दिया।
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यानि ये लोग मानते हैं कि जीडीपी में उछाल नोटबंदी और जीएसटी का असर है। जबकि 30.62 फीसदी पाठकों (3116 वोट) ने 'नहीं' में जवाब दिया। ये लोग मानते हैं कि जीडीपी में उछाल नोटबंदी और जीएसटी का असर नहीं है। वहीं 3.87 फीसदी (394 वोट) पाठकों ने 'कह नहीं सकते' विकल्प को चुना।