ऑक्सीजन सिलिंडर (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : iStock
देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के हल्का पड़ने के साथ ही अस्पतालों में मेडिकल ऑक्सीजन की मांग भी घटने लगी है। इसके चलते केंद्र सरकार ने प्राथमिकता वाले कुछ उद्योगों के लिए ऑक्सीजन के उपयोग पर लगा प्रतिबंध हटाने की तैयारी कर ली है। एक शीर्ष सरकार अधिकारी ने रविवार को कहा कि इस पर अगले 2-3 दिन में फैसला किया जा सकता है।
शीर्ष अधिकारी ने कहा कि मेडिकल ऑक्सीजन की मांग कम हो रही है। कुछ प्राथमिकता वाले उद्योगों को अगले 2-3 दिन में ऑक्सीजन मुहैय्या कराई जा सकती है। बता दें कि तरल ऑक्सीजन का उपयोग इस्पात निर्माण, रसायन, दवा, पेट्रोलियम प्रोसेसिंग और कागज निर्माण के सेक्टर में किया जाता है।
25 अप्रैल को लगाया था प्रतिबंध
कोविड-19 (कोरोना वायरस) की दूसरी लहर की पीक के दौरान ज्यादा से ज्यादा कोरोना मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराने की जरूरत थी। इस कारण केंद्र सरकार ने 25 अप्रैल आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत किसी भी गैर चिकित्सकीय उद्देश्य के लिए तरल ऑक्सीजन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया था। साथ ही सरकार ने ऑक्सीजन उत्पादकों को भी अपना उत्पादन अधिकतम स्तर तक बढ़ाने का आदेश दिया था।
ऐसे बढ़ाया गया उत्पादन
- 900 मिलियन टन ऑक्सीजन का उत्पादन रोजाना होता है देश में सामान्य समय में
- 10 गुना बढ़ोतरी की गई इस दैनिक ऑक्सीजन उत्पादन में कोरोना महामारी के कारण
- 9500 मिलियन टन ऑक्सीजन रोजाना उत्पादित की जा रही है अब देश में