डॉ. नायर ने कहा कि लोगों में मास्क का इस्तेमाल, हाथ सेनेटाइज और सामाजिक दूरी का पालन नहीं करना कोरोना को न्योता देना है। हम अगर अभी भी सावधान नहीं हुए, तो ओमिक्रॉन जंगल में आग की तरह फैल जाएगा और इस हालात पर काबू पाना बहुत मुश्किल हो जाएगा।
देश में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। अचानक आई इस बढ़ोतरी ने देश में कोरोना की तीसरी लहर की आशंकाएं बढ़ा दी हैं। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान देश ने जो हालात देखे हैं, उसके बाद तीसरी लहर के बारे में सोचकर ही लोगों के माथे पर शिकन आ जाती है। हालांकि, बाजारों और पर्वतीय इलाकों में भीड़ लोगों की ओर से बरती जा रही लापरवाही की ओर इशारा कर रही है। इसे देखते हुए कोरोना मामलों के जानकार और डॉक्टर अब तीसरी लहर की आशंकाए जताने लगे हैं।
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मेडिकल एक्सपर्ट डॉ. संदीप नायर ने बताया कि जिस तरह से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं और लोग कोरोना प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहे हैं, हम तीसरी लहर को खुद ही आमंत्रित कर रहे हैं। लोगों को कोरोना के नए ओमिक्रॉन वैरिएंट के बारे में समझाया जाना चाहिए। साथ ही उनके बीच फैली गलतफहमियों को भी दूर करने की जरूरत है। यह उन्हें बाजारों या भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से रोकेगा।
डॉ. नायर ने कहा कि लोगों में मास्क का इस्तेमाल, हाथ सेनेटाइज और सामाजिक दूरी का पालन नहीं करना कोरोना को न्योता देना है। हम अगर अभी भी सावधान नहीं हुए, तो ओमिक्रॉन जंगल में आग की तरह फैल जाएगा और इस हालात पर काबू पाना बहुत मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि ओमिक्रॉन वैरिएंट के शुरुआती दिनों से हम जानते हैं कि यह तेजी से फैलता है। इसके संक्रमण की रफ्तार डेल्टा वैरिएंट की तुलना में कहीं अधिक है। पिछले दिनों ओमिक्रॉन संक्रमण के मामले दहाई के आंकड़े तक सीमित थे, अब ये हजारों में पहुंच चुके हैं। दिल्ली और मुंबई में संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले हैं।
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नायर ने कहा कि ओमिक्रॉन वैरिएंट का सामुदायिक प्रसार शुरू हो चुका है। यह बात उन्होंने दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री को ध्यान में रखते हुए कही। उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते मामले और सकारात्मकता दर से साफ है कि सामुदायिक प्रसार शुरू हो चुका है।