फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Broadcasting Services Bill: मीडिया संस्थानों ने बिल के मसौदे पर जताई चिंता, कहा- बहुस्तरीय बनाने की कोशिश

Fri, 09 Aug 2024 07:38 AM IST
विशांत श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्रसारण सेवा बिल के मसौदे पर मीडिया संगठनों ने चिंता जताई है। परामर्श प्रक्रिया का हिस्सा बनकर सुझाव देने की अपील कर रहे इन लोगों का कहना है कि अभी तक सरकार ने जवाब नहीं दिया है। मसौदे को देखने से पता लगता है कि केंद्र बहुस्तरीय कानूनी प्रणाली बनाने की कोशिश कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मीडिया संगठनों ने प्रसारण सेवा विधेयक के मसौदा के प्रावधानों पर चिंता जताई और कहा कि यह डिजिटल स्पेस में सामग्री को विनियमित तथा सेंसर करने के लिए बहुस्तरीय कानूनी प्रणाली बनाने की कोशिश है। 90 से अधिक डिजिटल न्यूज प्रकाशकों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन डिजीपब न्यूज इंडिया फाउंडेशन की महासचिव रितु कपूर ने बृहस्पतिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। 

मीडिया संगठनों के साथ अब तक व्यापक चर्चा नहीं
विज्ञापन

रितु ने कहा कि मसौदा कानून पर परामर्श प्रक्रिया का हिस्सा बनने की इजाजत देने के लिए सरकार से संपर्क किया था लेकिन अभी तक जवाब नहीं मिला है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने चुनिंदा हितधारकों के साथ बंद कमरे में विचार-विमर्श किया है तथा डिजिटल मीडिया संगठनों के साथ अब तक व्यापक चर्चा नहीं हुई है।

बहुस्तरीय कानूनी प्रणाली बनाने की कवायद
एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अनंत नाथ ने कहा कि प्रसारण सेवा विधेयक देश में सामग्री को विनियमित, नियंत्रित, निगरानी और सेंसर करने के लिए बहुस्तरीय कानूनी प्रणाली बनाने की दिशा में एक और कदम है।
विज्ञापन


क्या है इस विधेयक का मकसद
सरकार ने पिछले साल नवंबर में प्रसारण सेवा (विनियमन) विधेयक, 2023 का मसौदा जारी किया था। इसका उद्देश्य प्रसारण क्षेत्र के लिए एक समेकित कानूनी ढांचा लाना और ओटीटी सामग्री, डिजिटल समाचार और समसामयिक मामलों को भी इसके दायरे में लाना है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें