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MEA: 'उम्मीद है कनाडा भारत के दुश्मनों पर कार्रवाई करेगा', सरकार ने ट्रूडो को दिखाया आईना; US मसले पर यह कहा

Thu, 21 Dec 2023 06:11 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि भारत को भी उम्मीद है कि कनाडा अलगाववादियों और भारत विरोधी तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करेगा।
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची - फोटो : ANI
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विस्तार
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जस्टिन ट्रूडो के एक साक्षात्कार में दिए गए बयान के बाद भारत ने कहा है कि भारत को भी आशा है कि कनाडा भारत विरोधी तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने गुरुवार को कहा कि कनाडा के भारत का मुख्य मुद्दा वहां सक्रिय भारत विरोधी ताकतों को दी जाने वाली छूट का है।

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि भारत को भी उम्मीद है कि कनाडा अलगाववादियों और भारत विरोधी तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करेगा। अरिंदम बागची का यह बयान तब आया है जब बुधवार को एक साक्षात्कार में कहा कि जब से अमेरिका ने भारत सरकार के एक कर्मचारी पर अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की कथित साजिश रचने का आरोप लगाया है और चेतावनी दी है तभी से भारत के रुख में बदलाव आया है।

निखिल गुप्ता के मामले पर विदेश मंत्रालय ने कही ये बात
निखिल गुप्ता के मामले में विदेश मंत्रालय ने बड़ी जानकारी दी है। प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि भारत को कम से कम तीन मौकों पर निखिल गुप्ता तक राजनयिक पहुंच प्राप्त हुई। भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को बीती 30 जून को चेक रिपब्लिक में गिरफ्तार किया गया le। निखिल गुप्ता पर आरोप है कि वह भारत के एक कथित सरकारी अधिकारी के संपर्क में था और निखिल गुप्ता और अन्य लोग अमेरिका के न्यूयॉर्क में भारतीय मूल के एक अलगाववादी नेता की हत्या की साजिश रच रहे थे। अमेरिका मीडिया का दावा है कि वह अलगाववादी नेता गुरुपतवंत सिंह पन्नू है। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, निखिल गुप्ता ने पन्नू की हत्या के लिए एक किलर से भी संपर्क किया था। 
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कतर में आठ पूर्व नौसैनिकों का मामला अपीलीय अदालत में
कतर में 8 पूर्व भारतीय नौसेना कर्मियों को मौत की सजा पर भी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह मामला अपीलीय अदालत में है।  कतर की अपीलीय अदालत में इस मामले में तीन बार सुनवाई हो चुकी हैं। इस बीच, दोहा में हमारे राजदूत को तीन दिसंबर को सभी आठ लोगों से मिलने के लिए कांसुलर स्तर की सहायता मिली थी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा और कोई जानकारी साझा करने के लिए नहीं है। मुझे इस बात का कोई संकेत नहीं है कि किन लोगों को माफ़ किया गया था और कितने भारतीय वहां थे। 

मालदीव को लेकर कही ये बात
आगे उन्होंने मालदीव द्वारा संयुक्त हाइड्रोग्राफिक सर्वे के लिए भारत के साथ समझौते को रिन्यू नहीं करने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हाइड्रोग्राफी के क्षेत्र में भारत का एक सफल ट्रैक रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि हम हिंद महासागर क्षेत्र में कई देशों के साथ हाइड्रोग्राफी और उससे संबंधित विभिन्न तत्व पर सहयोग भी कर रहे हैं। इसका लाभ भागीदार देशों को दिखाई दे रहा है। 

लाल सागर पर हमारी नजर- बागची
वहीं, बागची ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान लाल सागर में समुद्री जहाजों पर हूतियों द्वारा किए जा रहे हमलों पर भी बयान दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि भारत हमेशा वाणिज्यिक शिपिंग की मुक्त आवाजाही का समर्थक रहा है। इस कारण हमारी इसमें रुचि हैं। हम, लाल सागर में हो रहे घटनाक्रमों की निगरानी कर रहे हैं। यह मुफ़्त शिपिंग सुनिश्चित करने के हमारे अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों का भी हिस्सा है, चाहे वह चोरी हो या कुछ और, हम उस पर निगरानी रखना जारी रखेंगे। 

गौरतलब है कि सात अक्तूबर को इस्राइल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान समर्थित हूती  विद्रोही मध्य पूर्व में अन्य मिलिशिया समूहों के साथ मिलकर अमेरिकी जहाजों पर हमला कर रहे हैं। हाल ही में  यमन में हूती विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाके से शुक्रवार को लाल सागर में एक मालवाहक जहाज पर हमला किया गया था। 
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