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सीमा पर चीन ने सैनिक बढ़ाए, इसलिए भारत को भी तैनाती करनी पड़ी: विदेश मंत्रालय

Thu, 25 Jun 2020 07:38 PM IST
Rajeev Rai न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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MEA Spokesperson - फोटो : ANI
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने बृहस्पतिवार को मीडिया से बातचीत में हाल के अहम मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखा। मंत्रालय की तरफ से लद्दाख सीमा विवाद से लेकर भारत-नेपाल विवाद समेत पाकिस्तान में आतंकवाद जैसे मुद्दों पर मौजूदा हालात की जानकारी दी।

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चीन सीमा विवाद
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, गलवान घाटी संघर्ष के बाद दोनों पक्षों ने क्षेत्र में बड़ी संख्या में सैनिकों की तैनाती की। पूर्वी लद्दाख में गतिरोध पर प्रवक्ता ने कहा कि मौजूदा स्थिति बने रहने से आगे और माहौल खराब होगा। 

चीन वहां मई की शुरुआत से ही बड़ी संख्या में सैनिकों की तैनाती कर रहा था, ऐसे में भारत को जवाब में तैनाती करनी ही पड़ी। उन्होंने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीनी पक्ष का व्यवहार मौजूदा समझौतों के प्रति उसके पूर्ण असम्मान को दर्शाता है। 
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गंडक नदी मामला
प्रवक्ता ने बिहार के गंडक बैराज पर बाढ़ शमन कार्य पर भारत और नेपाल मामले में कहा कि दोनों देशों के बीच पहले से ही एक मौजूदा द्विपक्षीय तंत्र है। इस मानसून में बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए दोनों पक्ष वास्तविक समय के आधार पर समन्वय कर रहे हैं।

पाकिस्तान एफएटीएफ की 'ग्रे सूची'
इसके अलावा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान एफएटीएफ की 'ग्रे सूची' में बना हुआ है। पाकिस्तान का 'ग्रे सूची' में बना रहना ये दर्शाता है कि पाकिस्तान ने आतंकी वित्तपोषण के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की है।

इस्लामिक सहयोग संगठन पर बयान
इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) द्वारा जम्मू-कश्मीर पर बुलाई जाने वाली बैठक के संदर्भ में भारत ने चेतावनी देते हुए कहा है कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर समेत भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने के लिए संगठन के पास कोई अधिकार नहीं है। ओआईसी को इस तरह के अवांछित दावे करने से बचना चाहिए।

वंदे भारत मिशन
अनुराग श्रीवास्तव ने कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान प्रवासियों की वतन वापसी के लिए शुरू किए गए वंदे भारत अभियान पर कहा कि मिशन का चौथा चरण तीन जुलाई से प्रभावी होगा। चौथा चरण विशेष रूप से उन देशों पर ध्यान केंद्रित करेगा जहां अभी भी हमारे पास बड़ी संख्या में भारतीय हैं और जिन्होंने वापसी के लिए पंजीकरण किया है।

एच-1बी मामला 
इसके अलावा मंत्रालय ने अमेरिका द्वारा रद्द किए गए एच-1बी वीजा मामले पर कहा, 'इससे उन कुशल पेशेवरों के प्रभावित होने की संभावना है जो इन गैर-अप्रवासी वीजा कार्यक्रम का लाभ उठाने के लिए अमेरिका में वैध तरीके से काम करते हैं। हम भारतीय नागरिकों और उद्योग पर आदेश के प्रभाव का आकलन कर रहे हैं।

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