विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार
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यूरोपीय यूनियन (ईयू) के सांसदों के कश्मीर दौरे पर मचे राजनीतिक घमासान के बीच विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि इन सांसदों का दौरा इस मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने के लिए बिल्कुल नहीं था। साथ ही मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के प्रतिनिधिमंडल आधिकारिक चैनलों के जरिए नहीं आया करते हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि महत्वपूर्ण बात यह है कि क्या इस तरह के दौरे व्यापक राष्ट्र हितों को पूरा करते हैं। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म किए जाने के बाद पहली बार किसी विदेशी प्रतिनिधिमंडल ने राज्य का दौरा किया। यूरोपीय यूनियन के 23 सांसद मंगलवार को राज्य के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे थे।
कुमार ने कहा कि हमें लगता है कि इस तरह के कदम लोगों से संपर्क का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इन सांसदों की राय ने कश्मीर के जमीनी हकीकत और आतंकवाद के खतरे को दर्शाया है।