MEA: म्यांमार के रखाइन प्रांत में सुरक्षा की बिगड़ती स्थिति के मद्देनजर विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों के एडवाइजरी जारी की है। मंत्रालय ने प्रांत की यात्रा न करने की सलाह दी है। इसके अलावा, वहां रह रहे भारतीयों तुरंत रखाइन प्रांत को छोड़ने के लिए कहा है।
म्यांमार के रखाइन प्रांत में सेना और विद्रोही अराकान आर्मी के बीच संघर्ष तेज हो गया है। जिससे वहां रह रहे लोगों की सुरक्षा की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। इस बीच, भारत ने म्यांमार के रखाइन राज्य में रहने वाले भारतीय नागरिकों को तुरंत यह जगह खाली करने को कहा है। विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों के लिए जारी एडवाइजरी में रखाइन की यात्रा न करने की सलाह दी है।
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मंगलवार को जारी एक एडवाइजरी में विदेश मंत्रालय ने कहा, सुरक्षा की बिगड़ती स्थिति, लैंडलाइन सहित दूरसंचार के साधनों में व्यवधान और आवश्यक वस्तुओं की भारी कमी को देखते हुए सभी भारतीय नागरिकों को म्यांमार के रखाइन प्रांत की यात्रा न करने की सलाह दी जाती है। विदेश मंत्रालय ने कहा, जो भारतीय नागरिक पहले से ही यहां हैं, उन्हें तुरंत राज्य छोड़ने की सलाह दी जाती है।
गौरतलब है कि 1 फरवरी 2021 को सेना द्वारा तख्तापलट कर सत्ता पर कब्जा करने के बाद से म्यांमार में लोकतंत्र की बहाली की मांग को लेकर व्यापक हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहा है। म्यांमार की सेना अपने विरोधियों और सत्तारूढ़ शासन के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष करने वालों को निशाना बनाकर हवाई हमले कर रही है। म्यांमार भारत के रणनीतिक पड़ोसियों में से एक है और यह उग्रवाद प्रभावित नागालैंड और मणिपुर सहित कई पूर्वोत्तर राज्यों के साथ 1,640 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने 1 फरवरी को कहा था कि हम म्यांमार में बिगड़ती स्थिति से चिंतित हैं। इसका सीधा असर हम पर पड़ रहा है।