विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव
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भारतीय विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन करते हुए भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद, मुंबई हमले के मास्टरमाइंड जकीउर रहमान लखवी को सजा समेत पाकिस्तान से संबंधित अन्य मामलों पर जानकारी दी। मंत्रालय ने कहा कि भारत और चीन ने किसी भी गलतफहमी और गलत आकलन करने से बचने के लिए जमीनी स्तर पर संवाद कायम रखा है।
मंत्रालय ने कहा, इसके साथ ही टकराव वाले सभी इलाकों से सैनिकों को पूर्ण रूप से हटाने के लिए चर्चा जारी है। विवाद पर चीनी पक्ष के साथ वार्ता की स्थिति के बारे में मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि परामर्श और समन्वय के लिए कार्यकारी तंत्र (डब्ल्यूएमसीसी) की हालिया बैठक 18 दिसंबर को हुई थी और दोनों पक्ष वरिष्ठ कमांडर स्तर की अगले दौर की बैठक करने को सहमत हुए हैं।
उन्होंने कहा कि दोनों देश राजनयिक और सैन्य माध्यमों से निरंतर संवाद कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'इस बीच, दोनों पक्षों ने किसी भी गलतफहमी और गलत आकलन करने से बचने के लिए जमीनी स्तर पर संवाद कायम रखा है। साथ ही, शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए टकराव वाले सभी इलाकों से मौजूदा द्विपक्षीय समझौतों के मुताबिक सैनिकों को पूरी तरह से हटाने को लेकर चर्चा जारी है।'
'पाकिस्तान ने सोच-समझ कर दी है लखवी को सजा'
साल 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले के मास्टरमाइंड जकीउर रहमान को पाकिस्तान की एक अदालत की ओर से सजा सुनाए जाने के फैसले पर श्रीवास्तव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराना चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि वह आतंकी संगठनों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करे। बता दें कि लखवी को आतंकी वित्तपोषण के मामले में 15 साल कैद की सजा सुनाई गई है।
श्रीवास्तव ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित संगठन और घोषित आतंकवादी पाकिस्तानी प्रतिष्ठान के भारत विरोधी एजेंडे को पूरा करने के लिए इस्लामाबाद के परोक्ष माध्यम के रूप में काम करते हैं। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण बैठकों से पहले पाकिस्तान प्राय: हास्यास्पद कदम उठाता रहता है, ऐसा प्रतीत होता है कि यह कदम एपीजेजी और एफएटीएफ की बैठक से पहले सोच-समझकर उठाया गया है।