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अमेरिका ने दी सफाई : इल्हान उमर का पीओके दौरा सरकारी नहीं था, भारत ने सख्त आपत्ति जताते हुए की थी निंदा

Fri, 22 Apr 2022 08:10 AM IST
Amit Mandal एएनआई, नई दिल्ली

सार

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि इल्हान उमर ने जम्मू-कश्मीर के एक हिस्से का दौरा करके नियमों का उल्लंघन किया है, यह निंदनीय है। 
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इल्हान उमर और अरिंदम बागची। - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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अमेरिकी डेमोक्रेट सांसद इल्हान उमर के पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) दौरे पर भारत की सख्त आपत्ति व निंदा के बाद बाइडन प्रशासन ने सफाई दी है। अमेरिकी सरकार ने स्पष्ट किया है कि इल्हान का यह दौरा सरकारी नहीं था। 

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भारत ने इल्हान के दौरे को देश की संप्रभुता का हनन बताया था। वह पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी मिली थीं। पीओके दौरे को लेकर अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि सांसद उमर का दौरा अमेरिकी सरकार द्वारा प्रायोजित नहीं था। 

इससे पहले अमेरिकी कांग्रेस सदस्य इल्हान उमर के पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर दौरे पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने सख्त आपत्ति जताई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि इल्हान उमर ने जम्मू-कश्मीर के एक हिस्से का दौरा किया, जिस पर पाकिस्तान का अवैध कब्जा है। यदि ऐसी कोई राजनेता अपने देश में अपनी संकीर्ण मानसिकता की राजनीति करना चाहती है तो यह उसका अपना मामला है, लेकिन अगर ऐसा करके हमारे क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करता है तो यह हमारा सरोकार हो जाता है। यह निंदनीय है।  
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रायसीना डायलॉग में आएंगे 90 देश 
वहीं, रायसीना डायलॉग के संबंध में उन्होंने कहा कि इसमें 90 देशों के 210 से अधिक वक्ताओं के साथ लगभग 100 सत्र होंगे। हम सभी आतंकवादी हमलों की निंदा करते हैं जैसे कि अफगानिस्तान में हुआ है। हम वहां के घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं। 

इसके साथ ही बागची ने कहा, हमें भारत से यूक्रेन और उसके पड़ोसी देशों के लिए मानवीय सामान लेने के लिए मुंबई में उतरने की अनुमति के लिए जापान से एक अनुरोध मिला था। हमने वाणिज्यिक विमानों का उपयोग करके आपूर्ति लेने की मंजूरी दी है। 

ऑस्ट्रेलिया की शैक्षणिक स्वतंत्रता में भारतीय उच्चायोग द्वारा कथित हस्तक्षेप पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह संस्थान ऑस्ट्रेलियाई सरकार द्वारा मेलबर्न विश्वविद्यालय के साथ साझेदारी में स्थापित किया गया था और ऑस्ट्रेलियाई सरकार और संस्थानों द्वारा वित्त पोषित किया गया था। इस संस्थान के निर्णय लेने में भारत सरकार का कोई अधिकार नहीं है। 

बोरिस जॉनसन के दौरे पर यह कहा
भारत ने गुरुवार को कहा कि वह ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की महत्वपूर्ण एवं सार्थक यात्रा को लेकर आशान्वित है जिसमें ‘रोडमैप 2030’ सहित द्विपक्षीय, बहुपक्षीय एवं अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होगी। ब्रिटिश प्रधानमंत्री जॉनसन अपनी दो दिवसीय भारत यात्रा पर अहमदाबाद पहुंचे हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बेरिस जॉनसन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत आए हैं और सुबह गुजरात पहुंचे। उन्होंने कहा कि जॉनसन साबरमती आश्रम गए और इसके बाद वह कुछ अन्य कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि शाम को जॉनसन दिल्ली के लिये रवाना होंगे। 

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