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MEA: 'एनआरआई विवाह से जुड़े मौजूदा कानूनों में कमियों की जांच करें', विदेश मंत्रालय ने विधि आयोग से कहा

Tue, 14 Nov 2023 04:05 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

MEA: विदेश मंत्रालय ने विधि आयोग से अप्रवासी भारतीयों (एनआरआई) के विवाह के मुद्दे की जांच करने और अंतरराष्ट्रीय कानून व निजी कानूनों के संबंध में अपने ढांचे को मजबूत करने को कहा है। 
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Law commission - फोटो : Social Media
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विस्तार
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विदेश मंत्रालय ने विधि आयोग से अप्रवासी भारतीयों (एनआरआई) के विवाह के मुद्दे की जांच करने और अंतरराष्ट्रीय कानून व निजी कानूनों के संबंध में अपने ढांचे को मजबूत करने को कहा है। 

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सूत्रों के मुताबिक, विदेश मंत्रालय ने हाल ही में इस संबंध में विधि आयोग को संदर्भों (रेफरंस) को भेजा है ताकि मौजूदा संबंधित कानूनों में कमियों की जांच की जा सके। वर्तमान कानूनों में कमियों के कारण एनआरआई विवाह में भागीदारों को खासतौर पर दुल्हनों को छोड़ने जैसी समस्याएं पैदा होती हैं।

सूत्रों के मुताबिक, विधि आयोग शुरुआती चरण में है और इस मुद्दे से निपटने के लिए संरचनात्मक ढांचे की जांच कर रहा है। विधि आयोग के मुताबिक, यह अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक कानून और निजी कानूनों को भी देखेगा। जरूरत इस बात की है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि उल्लंघनकर्ताओं को लाभ पहुंचाने वाली कमियों को दूर किया जाए। साथ ही अदालत की विभिन्न प्रक्रियात्मक जरूरतों को कैसे पूरा किया जा सकता है। आयोग एनआईआई विवाह के पंजीकरण और विदेशी विवाह अधिनियम पर 2019 के विधेयक पर भी विचार करेगा। 

विदेश मंत्रालय मुताबिक, उसे विदेश में रहने वाले भारतीयों से शादी करने वाली भारतीय महिलाओं के वैवाहित मुद्दों पर बड़ी संख्या में शिकायतें मिली हैं। ऐसे मामलों में भारत में पत्नी का परित्याग, पत्नी या पत्नी द्वारा वीजा प्रायोजित (स्पॉन्सर) करने में देरी, पति या पत्नी द्वारा सभी संचार रोकने के मामले, पति और ससुराल वालों द्वारा महिलाओं उत्पीड़न, पति या पत्नी द्वारा एकतरफा तलाक आदि शामिल है। इन मामलों में अक्सर बच्चे की कस्टडी से जुड़े मुद्दे भी शामिल होते हैं।

एमईए के मुताबिक, मिशन/केंद्र ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रियाओं और तंत्र के बारे में पीड़ित भारतीय महिलाओं को उचित परामर्श, मार्गदर्शन और जानकारी प्रदान करते हैं। भारतीय मिशन और केंद्र महिलाओं सहित संकटग्रस्त भारतीयों के लिए वॉक-इन सत्र और ओपन हाउस बैठकें भी आयोजित करते हैं, ताकि उनकी शिकायतों का समाधान किया जा सके। 'मदद' और 'सीपीग्राम' पोर्टल के जरिए भी शिकायतों का समाधान किया जाता है। 
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एमईए ने कहा, इसके अलावा, मिशन और केंद्र आपातकालीन स्थितियों के लिए 24x7 हेल्पलाइन भी बनाए रखते हैं और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए भी सहायता प्रदान की जाती है। इंडियन कम्युनिटी वेल्फेयर फंड (आईसीडब्ल्यूएफ) के तहत पीड़ित एनआरआई महिलाओं को वित्तीय और कानूनी सहायता प्रदान की जाती है।
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