दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार का नाम भी मतदाता सूची से गायब मिला जिसके कारण वे मतदान नहीं कर पाए। नाम कटने से नाराज मतदाताओं ने कई जगहों पर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से इसकी शिकायत की।
राजधानी में हल्की ठंड के बीच दिल्ली नगर निगम (Delhi MCD Election 2022) चुनाव के लिए मतदान खत्म हो गया है। चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों में बेहद गर्मी दिखने के बाद भी मतदाताओं के बीच मतदान को लेकर ज्यादा उत्साह नहीं दिखाई पड़ा। शाम साढ़े पांच बजे तक करीब 50 प्रतिशत ही मतदान हुआ, जिसे काफी सुस्त माना जा रहा है। हालांकि, सुस्त मतदान के बीच भी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कटने के कारण लोगों ने नाराजगी जाहिर की। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार का नाम भी मतदाता सूची से गायब मिला जिसके कारण वे मतदान नहीं कर पाए। नाम कटने से नाराज मतदाताओं ने कई जगहों पर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से इसकी शिकायत की।
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पूर्वी दिल्ली के पांडव नगर (वार्ड संख्या 200) में मंडावली के साकेत ब्लॉक में नगर निगम के लिए तैयार की गई सूची में अब केवल 771 मतदाता पंजीकृत हैं। इसके पहले यह संख्या 1232 थी। भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सूची से भाजपा समर्थक 461 मतदाताओं के नाम काट दिए गए हैं। मतदाता सूची के कई पेज से सभी मतदाताओं के नाम काट दिए गए हैं। कई घरों में बच्चों के नाम मतदाता सूची में हैं, लेकिन उन्हीं के माता-पिता के नाम मतदाता सूची में नहीं हैं। इसे बीएलओ स्तर के अधिकारी की गंभीर अनियमितता बताई जा रही है। यह क्षेत्र लक्ष्मी नगर विधानसभा क्षेत्र के अंदर आता है जहां 2020 के चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार अभय वर्मा को जीत मिली थी। नाम कटने से नाराज लोग इस वार्ड से मतदान रद्द कर नई मतदाता सूची बनाकर दुबारा मतदान कराने की मांग कर रहे हैं।
इसी प्रकार यमुना विहार वार्ड में भी लगभग 450 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से बाहर हैं। इस क्षेत्र से बीजेपी नेता मनोज तिवारी सांसद हैं। जब सांसद मतदान करने पहुंचे तो लोगों ने उनसे शिकायत की कि भाजपा समर्थकों के नाम मतदाता सूची से जानबूझकर काटे गए हैं। सांसद ने इसके विरुद्ध चुनाव आयोग से शिकायत करने की बात कही है।
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भाजपा कार्यकर्ता ममता उपाध्याय ने अमर उजाला से बात की और नाम कटने के कारण दिल्ली सरकार पर गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीते विधानसभा चुनाव में इस क्षेत्र से आम आदमी पार्टी का प्रत्याशी बेहद कड़ी टक्कर के बाद 800 से ज्यादा वोटों से हार गया था। बीजेपी उम्मीदवार अभय वर्मा को अकेले इस वार्ड से ही भारी संख्या में वोट मिले और उनकी जीत हो गई। उन्होंने कहा कि यह पूरा वार्ड भाजपा समर्थक मतदाताओं का है, और जानबूझकर भाजपा समर्थकों के नाम मतदाता सूची से काटे गए।
सुबोध सिंह ने बताया कि उनके मकान के 15 मतदाताओं के नाम एक साथ काट दिए गए हैं। जबकि एक सप्ताह पूर्व बीएलओ स्तर के अधिकारी से मिलकर उन्होंने इसके विषय में शिकायत भी दर्ज कराई थी और उन्हें मतदाता सूची में सबके नाम शामिल होने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन इसके बाद भी उनके नाम शामिल नहीं किए गए।
'नाम काटने के बाद भी बीजेपी जीतेगी'
दिल्ली भाजपा प्रवक्ता नेहा शालिनी दुआ ने विकासपुरी वार्ड संख्या 107 में अपना वोट डाला। उन्होंने अमर उजाला से कहा कि दिल्ली के कोने-कोने से कार्यकर्ता फोन कर उन्हें मतदाता सूची से नाम काटे जाने की शिकायत कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्यादातर उन्हीं जगहों से लोगों के नाम काटे गए हैं जहां भाजपा पारंपरिक रूप से मजबूत रही है और जीत दर्ज करती रही है। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी आम आदमी पार्टी की नगर निगम चुनाव में करारी हार होगी और भाजपा निगम में जीत का चौका लगाने में कामयाब रहेगी।