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पश्चिमी यूपी को रिझाने पहुंची मायावती, आज रैली

Sun, 11 Sep 2016 12:40 AM IST
शशांक मिश्र/ अमर उजाला, सहारनपुर
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मायावती - फोटो : file photo
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मिशन-2017 के लिए जमीन मजबूत करने मैदान में उतरी बसपा सुप्रीमो मायावती अपने मजबूत गढ़ से पूरे वेस्ट यूपी को साधने की पूरी कोशिश करेंगी। लोकसभा चुनाव के बाद से ही बसपा के बेस वोट बैंक में सेंधमारी कर रही दूसरी पार्टियों के कवायद को रोकने के लिए भी बसपा इस जमीन से ऐड़ी-चोटी का जोर लगाने की कोशिश करेगी। सहारनपुर की जमीन से पूरे वेस्ट यूपी को साधने निकली मायावती हर हाल में दलित मतों को एकजुट कर सोशल इंजीनियरिंग के जरिये पार्टी को मजबूत करना चाहेंगी। यही कारण है कि बसपा ने विधानसभा चुनाव से ऐन पहले पश्चिमी यूपी में अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए सहारनपुर को चुना है। 
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सहारनपुर पर बसपा के भरोसे का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यहां बसपा संस्थापक कांशीराम से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री मायावती तक यहां से प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। लोकसभा चुनाव में करारी हार झेलने के बाद अब विधानसभा चुनाव की आहट से पहले हो रही मायावती की रैली कई मायनों में खास मानी जा रही है। हालांकि इससे पहले इसी तर्ज पर बसपा की कुछ रैलियां प्रदेश के दूसरे हिस्सों में हो चुकी हैं, मगर लोकसभा चुनाव के बाद पहली बार अपने मजबूत गढ़ में पहुंच रही बसपा सुप्रीमो सहारनपुर से गाजियाबाद तक के मतदाताओं को रिझाने की कोशिश करेंगी। 

महत्वपूर्ण बात यह है कि विधानसभा चुनाव में अपनी रणनीति बनाने के लिए भाजपा और कांग्रेस दलित मतों की सेंधमारी में जुटी है। वहीं बसपा के सामने अपने बेस वोट को रोकने के साथ ही दूसरी जातियों को रिझाने की चुनौती है। जिले में दलित मत न सिर्फ निर्णायक भूमिका में हैं, बल्कि पिछले कई चुनावों में बसपा के लिए सहारनपुर मुफीद रहा है। 
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सहारनपुर से है बसपा का पुराना नाता

- फोटो : file photo
वर्ष 2012 में सात विधानसभा सीटों में से चार सीटों पर और वर्ष 2007 में पांच सीटों पर बसपा का कब्जा रहा। ऐसे में वर्ष 2017 में फिर से लखनऊ का रास्ता तलाश रह बसपा को पश्चिमी यूपी में दलित-मुस्लिम गठजोड़ के साथ दूसरी जातियों से भी काफी उम्मीदें हैं। यही कारण है कि सहारनपुर की रैली में ही मेरठ मंडल को भी शामिल कर यहां के अपने भरोसे को कायम रखा है।

बसपा का सहारनपुर से बहुत पुराना नाता है। यही कारण है कि बसपा संस्थापक कांशीराम ने भी सहारनपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। हालांकि उस वक्त भाजपा के नकली सिंह ने उन्हें मात दी। मगर, इसके बाद भी बसपा का भरोसा सहारनपुर से कम नहीं हुआ। मायावती दो बार हरोड़ा सीट (अब सहारनपुर देहात) से दो बार विधानसभा पहुंच चुकी हैं।
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