फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अंबेडकर के आदर्शों से मायावती का कोई लेना देना नहीं: वीरियो

Sun, 31 Jul 2016 03:56 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
धम्म वीरियो - फोटो : ब्यूरो/ आगरा
विज्ञापन
धम्म चेतना यात्रा लेकर ताजनगरी में आए अखिल भारतीय बौद्ध भिक्षु संघ के अध्यक्ष व पूर्व राज्यसभा सदस्य भदंत डा. धम्म वीरियो महास्थाविर ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं बसपा अध्यक्ष मायावती को दुख देने
विज्ञापन

वाला फोड़ा (नासूर) बताया है। कहा है कि वे दलित विरोधी हैं और उन्होंने दलितों का विकास नहीं होने दिया।

वहीं, उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम को दलितों को देवता बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि इस यात्रा के माध्यम से दलितों में राजनीतिक चेतना जगाई जा रही है। शनिवार को बौद्ध भिक्षुओं के साथ आए धम्म वीरियो ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि खुद को डा. भीमराव अंबेडकर का अनुयायी बताने वाली मायावती का उनके आदर्शों से कोई लेना देना नहीं।

दलितों का और विकास हो सकता था लेकिन मायावती ने नहीं होने दिया। वर्तमान में कई विश्वविद्यालयों में दलित समाज की सीटें खाली पड़ी हैं। सपा सरकार पर निशाना साधते हुए बोले, जो काम करेगा, वही आगे बढ़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

दलितों का भविष्य मोदी के हाथों में सुरक्षित

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न सिर्फ अच्छे व्यक्ति हैं बल्कि अच्छा काम भी कर रहे हैं। दलितों का भविष्य उनके हाथों में सुरक्षित है। धम्म वीरियो ने कहा कि यही वजह है कि दलित तो उनका साथ दे ही रहे हैं, सर्व समाज को भी उनका साथ देना चाहिए। तभी देश और दलितों का विकास होगा।

इस यात्रा के माध्यम से आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा के लिए प्रदेश में माहौल बनाने के सवाल पर उन्होंने अपनी सहमति दी। वहीं, आरक्षण के मुद्दे पर उनका कहना है कि आरक्षण जरूरी नहीं लेकिन सभी को शिक्षा जरूर मिलनी चाहिए। हाथरस में धम्म यात्रा के विरोध के सवाल पर धम्म वीरियो ने कहा कि वहां यात्रा का विरोध नहीं बल्कि उन पर हमला हुआ था। कहा कि विरोध करने वाले मायावती के नारे लगा रहे थे। वे किसी भी दल से जुड़े हुए लोग हो सकते हैं। 

इस यात्रा के मकसद पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे इस यात्रा के माध्यम से बौद्ध धर्म का प्रचार कर रहे हैं। इसके लिए उत्तर प्रदेश को ही चुने जाने के सवाल पर धम्म वीरियो ने कहा कि भगवान बुद्ध को अपने धर्म के प्रचार के लिए बहुत कम समय मिला था, इसलिए वे बुद्ध के कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें