धम्म चेतना यात्रा लेकर ताजनगरी में आए अखिल भारतीय बौद्ध भिक्षु संघ के अध्यक्ष व पूर्व राज्यसभा सदस्य भदंत डा. धम्म वीरियो महास्थाविर ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं बसपा अध्यक्ष मायावती को दुख देने
वाला फोड़ा (नासूर) बताया है। कहा है कि वे दलित विरोधी हैं और उन्होंने दलितों का विकास नहीं होने दिया।
वहीं, उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम को दलितों को देवता बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि इस यात्रा के माध्यम से दलितों में राजनीतिक चेतना जगाई जा रही है। शनिवार को बौद्ध भिक्षुओं के साथ आए धम्म वीरियो ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि खुद को डा. भीमराव अंबेडकर का अनुयायी बताने वाली मायावती का उनके आदर्शों से कोई लेना देना नहीं।
दलितों का और विकास हो सकता था लेकिन मायावती ने नहीं होने दिया। वर्तमान में कई विश्वविद्यालयों में दलित समाज की सीटें खाली पड़ी हैं। सपा सरकार पर निशाना साधते हुए बोले, जो काम करेगा, वही आगे बढ़ेगा।