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आतंकी को फांसी की सजा, कचहरी में लगे पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे

Sat, 30 Jul 2016 06:30 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, जौनपुर
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जिले की सबसे भयावह श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन बम विस्फोट कांड के मामले में आरोपी मोहम्मद आलमगीर को एडीजे प्रथम बुधराम यादव की अदालत में फांसी की सजा सुनाई गई। यह सजा उसे आईपीसी की धारा 302 के अंतर्गत सुनाई गई है। 
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वहीं रेलवे एक्ट की धारा 151 में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। अर्थ दंड दो मामलों में पांच-पांच लाख का हैं। खचाखच भरी अदालत में जैसे ही न्यायाधीश ने फैसला सुनाया आतंकी फफक कर रोने लगा। 

वहीं, न्यायालय के बाहर बड़ी संख्या में जुटे अधिवक्ताओं और वादकारियों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। न्यायाधीश ने घटना के 11 साल बाद फैसला सुनाया है।
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28 जुलाई 2005 को हुआ था बम धमाका

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28 जुलाई 2005 की शाम सवा पांच बजे हरपालगंज रेलवे स्टेशन के हरिहरपुर रेलवे क्रासिंग पर पटना से दिल्ली जाने वाली श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन की साधारण बोगी में बम धमाका हुआ था। इसमें 12 यात्रियों की मौत व 18 लोग घायल हुए थे।

इस मामले में आरोपी ओबैदुर्रहमान उर्फ बाबू भाई, नफीकुल विश्वास, हिलाल उर्फ हिलालुद्दीन व मोहम्मद आलमगीर के विरुद्ध विचारण चल रहा था। अन्य मामले में सुनवाई के लिए आरोपी नफीकुल विश्वास व हिलाल उर्फ हिलालुद्दीन हैदराबाद जेल भेज दिए गए हैं।
 
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सात में से एक आतंकी की पहले ही हो चुकी है मौत

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हैदराबाद में इस मामले की आगे की सुनवाई होने के बाद आरोपी ओबैदुर्रहमान उर्फ बाबू भाई और मोहम्मद आलमगीर के विरुद्ध फैसला सुनाया जाएगा। न्यायालय के बाहर मौजूद लोग अन्य आतंकियों को भी फांसी की सजा दिए जाने की मांग कर रहे थे।

बताते चलें कि इस मामले में कुल सात आरोपी थे। इसमें आतंकी आरोपी शरीफ उर्फ कंचन उर्फ सैफुद्दीन और गुलाम पाजदानी उर्फ याहया फरार चल रहे हैं। जबकि आरोपी डॉ. सईद की पहले ही मौत हो चुकी है।
 
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