सीएम साहब पति की शहादत पर जब आप घर आए थे तब आपने वादा किया था कि आपकी जो भी मांगें होंगी हम पूरी करेंगे। 45 दिन गुजरने के बाद भी हमारी कोई मांग पूरी नहीं हो सकी है। हमें और हमारे परिवार को इंसाफ चाहिए। ये दर्द है गांव झंडीपुर के शहीद बबलू सिंह की पत्नी रविता देवी का। सोमवार को उनके पत्र को लेकर परिवारीजन जिलाधिकारी के दफ्तर आए। परिवारीजनों का कहना था कि शहीद बबलू सिंह की अंतिम यात्रा में शामिल होने गांव आए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने परिवार की सभी मांगे पूरी करने की बात कही थी। लेकिन आज तक कोई मांग पूरी नहीं हो सकी है।
उन्होंने कहा कि बच्चे की फीस माफी भी नहीं हो सकी है। शहीद की पत्नी बच्चे को घर के नजदीक स्थित स्कूल सेक्रेट हार्ट में पढ़ाना चाहती हैं लेकिन अभी तक प्रवेश नहीं हो सका है। इतना ही नहीं पति के नाम पर स्मारक के लिए जमीन भी नहीं मिली है। ऐसे में पूरा परिवार दुखी और आहत है। पत्र की प्रतिलिपी आर्मी हेडक्वार्टर, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, मुख्यसचिव, आयुक्त आगरा मंडल को भेजी गई है।
ये हैं परिवारीजनों की मांगें
-शहीद के भाई सतीश को योग्यता अनुसार सरकारी नौकरी दी जाए।
-शहीद के नाम पर गैस एजेंसी दी जाए।
-परिवार के पालन के लिए चार एकड़ कृषि भूमि मिले।
-स्मारक के लिए जगह मिले और उसका निर्माण किया जाए।
-शहीद बबलू सिंह की प्रतिमा लगाई जाए।
-उनके नाम पर सेना भर्ती शुरू कराई जाए।
-शहीद मुकुल द्विवेदी के बराबर पचास लाख की आर्थिक सहायता मिले।