महाराष्ट्र सरकार के मंत्रिमंडल में बुधवार को यह फैसला किया गया।
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महाराष्ट्र सरकार ने निर्णय लिया है कि दस से कम कर्मचारियों वाली छोटी दुकानों के लिए भी मराठी में साइनबोर्ड लगाना अनिवार्य होगा। उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने यह जानकारी दी। सुभाष देसाई ने बताया कि इसके लिए महाराष्ट्र दुकानें और प्रतिष्ठान (रोजगार का विनियमन और सेवा शर्तें) एक्ट में बदलाव किया जाएगा। यह निर्णय राज्य मंत्रिमंडल की साप्ताहिक बैठक में लिया गया।
सुभाष देसाई के पास ही मराठी भाषा विभाग भी है। उन्होंने कहा कि इस बदलाव का मकसद छोटी दुकानों के मालिकों के मराठी में बोर्ड लगाने से बचने के कानूनी रास्तों को बंद करना है। बड़े प्रतिष्ठानों के लिए यह पहले ही अनिवार्य है। उन्होंनेे कहा, संशोधन में यह भी प्रावधान होगा कि साइनबोर्ड पर देवनागरी (जिसमें मराठी भाषा लिखी जाती है) किसी अन्य भाषा से छोटी नहीं होनी चाहिए। राज्य की सत्ताधारी शिवसेना की प्रतिद्वंद्वी राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने साइनबोर्ड मराठी में भी लगवाने की मांग लेकर उग्र आंदोलन चलाया था।
इस बीच कुछ रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में 500 वर्ग फुट तक के घरों को संपत्ति कर मुक्त कर दिया गया है। महाराष्ट्र सरकार के मंत्रिमंडल में बुधवार को यह फैसला किया गया। इसका लाभ मुंबई के 16 लाख से ज्यादा घरों को होगा।