सर्वोच्च न्यायालय में सोमवार को मराठा आरक्षण मसले पर सुनवाई हुई। अदालत ने महाराष्ट्र राज्य को नियुक्तियां न करने का निर्देश दिया है। प्रारंभिक मुद्दों को उठाने वाले आवेदनों पर सुनवाई की अगली तारीख 25 अगस्त और अंतिम सुनवाई एक सितंबर से होनी है।
इससे पहले 15 जुलाई को हुई सुनवाई में उच्चतम न्यायालय ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा मराठा समुदाय को आरक्षण देने के प्रावधान वाले कानून पर अंतरिम रोक लगाने से इंकार कर दिया था।न्यायालय ने कहा था कि शिक्षा और नौकरियों में मराठा समुदाय के लिए आरक्षण का प्रावधान करने संबंधी महाराष्ट्र सरकार के कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 27 जुलाई से रोजाना वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सुनवाई की जाएगी।
पीठ ने संबंधित पक्षकारों से कहा था कि वे एकसाथ बैठकर सुनवाई की प्रक्रिया के बारे में फैसला करें। वे यह तय करें कि कौन पक्षकार कितना समय लेगा और कोई भी दलीलों को दोहराएगा नहीं। इस मामले की सुनवाई के दौरान कुछ याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने कहा था कि इस तरह के मुकदमे की सुनवाई न्यायालय कक्ष में ही होनी जरूरी है। हालांकि पीठ ने कहा था कि कोविड-19 महामारी की वजह से इस मामले की न्यायालय कक्ष में सुनवाई की संभावना बहुत ही कम है।