सीएम एकनाथ शिंदे और मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे
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ओबीसी नेता लक्ष्मण हेक ने गुरुवार को आरक्षण के मुद्दे पर मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की आलोचना की। वाडी गोदरी गांव में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करने वाले लक्ष्मण हेक ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार को मराठा समुदाय को आरक्षण देने के लिए 1911 के राजपत्र पर विचार करने का अधिकार नहीं है। लक्ष्मण हेक ने आगे कहा, अगर सरकार 1911 के राजपत्र के आधार पर जीआर जारी करने पर विचार कर रही है, तो महाराष्ट्र में ओबीसी आयोग की क्या जरूरत है? अगर एकनाथ शिंदे सरकार जरांगे की बात सुनने के बाद जीआर जारी करती है, तो ओबीसी उसी हिसाब से जवाब देंगे।
सीएम शिंदे से लक्ष्मण हेक ने किया सवाल
इस दौरान ओबीसी नेता ने सवाल किया कि क्या सीएम शिंदे को कानून का पता भी है कि वे आरक्षण के मुद्दे पर इस तरह से काम कर रहे हैं। दरअसल मनोज जरांगे मांग कर रहे हैं कि राज्य सरकार 1911 के गजट नोटिफिकेशन के साथ-साथ सतारा, बॉम्बे और हैदराबाद में पहले प्रकाशित अधिसूचनाओं पर विचार करे, जिसमें मराठों को सेज सोयारे के सिद्धांत पर ओबीसी श्रेणी के तहत आरक्षण दिया गया है।
बिग बॉस में जरांगे को किया जाए शामिल- हेक
वहीं ओबीसी नेता लक्ष्मण हेके के नेतृत्व वाले ओबीसी समूहों ने इसका विरोध किया है। हेक ने कहा कि 16 सितंबर से अंतरवाली सरती में अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे जरांगे को उनके मनोरंजन के लिए रियलिटी शो 'बिग बॉस' में शामिल किया जाना चाहिए और उनसे शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) के प्रतीक का उपयोग करके अपना आंदोलन चलाने को कहा। हेक ने जोर देकर कहा, जब तक यह साबित नहीं हो जाता कि मराठा समुदाय सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ा है, तब तक उन्हें आरक्षण नहीं दिया जा सकता। कोई भी अन्य पिछड़ा वर्ग को दिए गए आरक्षण को समाप्त नहीं कर सकता।
बीड में 27 सितंबर तक निषेधाज्ञा लागू
महाराष्ट्र में मराठा, ओबीसी और अन्य समुदायों की तरफ से आरक्षण को लेकर किए जा रहे आंदोलन के मद्देनजर बीड जिला प्रशासन ने 27 सितंबर तक निषेधाज्ञा लागू कर दी है। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। बता दें कि मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे 16 सितंबर की मध्यरात्रि से जालना जिले के अंतरवाली सरती गांव में मराठा समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत आरक्षण देने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं।