त्रिपुरा के उनाकोटी जिले में शनिवार को वक्फ कानून वापस लेने की मांग को लेकर हिंसक प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कर्मियों के साथ हाथापाई की और उन पर पथराव किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कर्मियों पर बोतलें भी फेंकी। जिसके चलते पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी दागे।
त्रिपुरा के उनाकोटी जिले में शनिवार को वक्फ कानून वापस लेने की मांग को लेकर विरोध रैली निकाली गई। इस दौरान भीड़ हिंसक हो गई और पुलिस पर पथराव किया। लोगों ने पुलिस पर बोतलें भी फेंकी। प्रदर्शनकारियों की पुलिस कर्मियों के साथ हाथापाई हुई। इस दौरान एक एसडीपीओ समेत 18 पुलिस कर्मी घायल हो गए। पुलिस ने हमले में कथित संलिप्तता के लिए आठ प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया है।
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पुलिस के अनुसार, कांग्रेस के उनाकोटी जिला अध्यक्ष मोहम्मद बदरुज्जमां की अध्यक्षता में संयुक्त आंदोलन समिति के बैनर तले करीब 4,000 लोगों ने वक्फ कानून वापस लेने की मांग को लेकर एक विशाल रैली निकाली। रैली के कुबजर इलाके में पहुंचने पर भीड़ हिंसक हो गई। जब पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया तो प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कर्मियों पर पथराव किया और बोतलें फेंकी। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी दागे।
कैलाशहर के एसडीपीओ समेत 18 पुलिस कर्मी घायल
कैलाशहर पुलिस थाने के प्रभारी सुकांत सेन चौधरी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों के हमले में कैलाशहर उप-विभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) जयंत करमाकर सहित 18 पुलिस कर्मी घायल हुई हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस कर्मियों पर हमले के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। हमले में कथित संलिप्तता के लिए आठ प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। आगे की जांच की जा रही है।
हिंसक प्रदर्शन के बाद बदरुज्जमां ने दी सफाई
हिंसक प्रदर्शन के बाद, बदरुज्जमां ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सफाई दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमने शांतिपूर्ण रैली का आयोजन किया था, लेकिन निहित स्वार्थ वाले एक समूह ने हमें बदनाम करने के लिए हमारी शांतिपूर्ण रैली को हिंसक बना दिया। उन्होंने कहा कि हम वक्फ कानून को वापस लेने की मांग को लेकर अपना आंदोलन जारी रखेंगे।