कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने शनिवार को पेगसास जासूसी मामले केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने अमेरिकी अदालत में पेगासस बनाने वाली कंपनी एनएसओ ने माना है कि उसका सॉफ्टवेयर सिर्फ सरकारों को बेचा गया था। ऐसे में यह साफ है कि जासूसी सरकार की मंजूरी से ही हुई।
कांग्रेस ने शनिवार को पेगसास जासूसी मामले में केंद्र सरकार पर निशाना साधा। साथ ही पार्टी ने केंद्र सरकार से मांग की कि वह अमेरिकी अदालत में सामने आए नए खुलासों को सुप्रीम कोर्ट के सामने रखे। कांग्रेस का कहना है कि पेगासस स्पाइवेयर का इस्तेमाल कर 100 भारतीयों की जासूसी की गई थी। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि अमेरिकी अदालत में पेगासस बनाने वाली कंपनी एनएसओ ने माना है कि उसका सॉफ्टवेयर सिर्फ सरकारों को बेचा गया था। ऐसे में यह साफ है कि जासूसी सरकार की मंजूरी से ही हुई।
रणदीप सुरजेवाला ने उठाए सवाल
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मामले में केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए सुरजेवाला ने कहा कि अब सवाल यह है कि मोदी सरकार इस पर कब जवाब देगी? क्या यह साबित नहीं करता कि सरकार ने ही यह स्पाइवेयर खरीदा और इस्तेमाल किया?" उन्होंने पूछा कि वे 100 लोग कौन हैं जिनके फोन हैक किए गए और किसकी इजाजत से यह हुआ।
सुप्रीम कोर्ट में जवाब दे केंद्र
कांग्रेस नेता ने यह भी पूछा कि पेगासस खरीदने की अनुमति किसने दी, और इसके लिए पैसा कहां से आया। सुरजेवाला ने कहा कि सरकार को 22 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में इन सवालों के जवाब देने चाहिए और जांच के लिए सभी दस्तावेज पेश करने चाहिए।
इसके साथ ही सुरजेवाला ने बताया कि यह खुलासा अमेरिका की अदालत में व्हाट्सएप और एनएसओ ग्रुप के बीच हुई सुनवाई में हुआ है। उन्होंने दावा किया कि जिन लोगों की जासूसी हुई, उनमें विपक्षी नेता, पत्रकार, जज, केंद्रीय मंत्री और कई अहम लोग शामिल हैं।
मुद्दे पर साप जवाब देने की मांग
कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी पहले ही इस मुद्दे को उठा चुके हैं और यह लोकतंत्र पर हमला है। इससे पहले भी पेगासस जासूसी विवाद पर संसद का एक सत्र ठप हो चुका है और विपक्ष ने इसकी गहन जांच की मांग की थी। इसके साथ ही कांग्रेस ने मोदी सरकार से साफ जवाब देने की मांग की है।