पश्चिम बंगाल के दोमोहानी में ट्रेन हादसा।
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पश्चिम बंगाल के दोमोहानी में गुरुवार को पटना से गुवाहाटी जा रही बीकानेर एक्सप्रेस के कुछ डिब्बे पटरी से उतर गए। जानकारी के मुताबिक, ट्रेन के 12 डिब्बे पटरी से उतरे और ट्रैक के पास ही पलट गए। इस घटना में कम से कम छह लोगों के मारे जाने की खबर है। इसके अलावा 45 लोगों के घायल होने की भी बात सामने आई है। आइए एक नजर हम डालते हैं देश में ट्रेन हादसे के इतिहास पर...
भारत में रेल दुर्घटनाओं का पुराना इतिहास रहा है। खराब मौसम व कई बार तकनीकि दिक्कतों के चलते देश में कई बड़ी ट्रेन दुर्घटनाएं हुईं हैं। इन ट्रेन दुर्घटनाओं में कई यात्रियों को अपनी जान गंवानी पड़ी हैं।
यूपी के एटा जिले के पास हुए हादसे में 69 यात्रियों की गई थी जान
देश के अलग-अलग हिस्सों में हुए पहले की रेल दुर्घटनाओं की बात करें तो उत्तर प्रदेश में एटा जिले के पास 7 जुलाई 2011 को छपरा-मथुरा एक्सप्रेस एक बस से टकरा गई थी। इस हादसे में 69 यात्रियों की जान चली गई थी। उत्तर प्रदेश के एटा जिले का यह हादसा मानवरहित क्रासिंग पर हुआ था। ट्रेन की रफ्तार काफी तेज थी और बस करीब आधे किलोमीटर तक घिसटती चली गई थी। उस वक्त बस की छत पर भी काफी लोग बैठे थे, जो टक्कर के बाद दूर जाकर गिरे थे।
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कानपुर के पुखरायां के पास हुए ट्रेन हादसे में करीब 150 की गई थी जान
ऐसा ही एक हादसा उत्तर प्रदेश के कानपुर के पास पुखरायां में हुआ था। 20 नवंबर 2016 को पुखरायां रेलवे स्टेशन के पास हुए ट्रेन हादसे में कम से कम 150 यात्रियों ने अपनी जान गवाई थी।
साल 2012 में हुए सबसे ज्यादा ट्रेन हादसे
भारतीय रेलवे के इतिहास में साल 2012 हादसों के मामले से सबसे बुरे सालों में से एक रहा था। साल 2012 में लगभग 14 ट्रेन हादसे हुए थे। इस साल ट्रेन के डिब्बे पटरी से उतरने और आमने-सामने ट्रेनों की टक्कर दोनों तरह के हादसे हुए थे। 30 जुलाई 2012 को दिल्ली से चेन्नई जाने वाली तमिलनाडु एक्सप्रेस के एक कोच में नेल्लोर के पास आग लग गई थी जिसमें 30 से ज्यादा यात्रियों की मौत हुई थी।
आंध्र प्रदेश के इस ट्रेन हादसे में 39 की गई थी जान
वहीं, 22 जनवरी 2017 को आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले में एक बड़ा ट्रेन हादसा हो गया था। हीराखंड एक्सप्रेस के आठ डिब्बे पटरी से उतर गए थे। इस ट्रेन हादसे में करीब 39 लोगों की जान चली गई थी।