कई देशों ने भारत की स्वदेशी आकाश मिसाइल खरीदने की प्रक्रिया में दिलचस्पी दिखाई है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीरओ) के एक उच्च अधिकारी ने शनिवार को यह बात कही। डीआरडीओ चेयरमैन एस क्रिस्टोफर ने कहा कि आकाश की मांग बढ़ रही है। यह हर स्थिति में कारगर साबित होनी वाली मध्यम रेंज की जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल है।
उन्होंने कहा कि कई देशों ने इसमें दिलचस्पी दिखाई है। डीआरडीओ की ओर से विकसित आकाश
मिसाइल सिस्टम हवा में उड़ रहे लक्ष्यों को मार गिराने में सक्षम है। यह युद्धक विमान, क्रूज मिसाइल, हवा से जमीन में मार करने वाली मिसाइल और बैलास्टिक मिसाइलों को निशाना बना सकती है।
क्रिस्टोफर ने कहा कि कई देशों से बातचीत चल रही है और जल्द मिसाइल आपूर्ति के आर्डर मिलने लगेंगे। हालांकि उन्होंने इससे ज्यादा जानकारी नहीं दी। एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि इस साल डीआरडीओ को दो हजार करोड़ रुपये का बजट मिला है। एक समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे क्रिस्टोफर ने बताया कि ब्रह्मोस मिसाइलों से संबंधित प्रश्नोत्तरी भी आ रही है।