ज्यादातर जीवन
बीमा पॉलिसियों में असमय मौत या प्राकृतिक मौत पर सुरक्षा कवर मिलता है मगर शरीर के किसी अंग की क्षति
पॉलिसी में शामिल है या नहीं, यह जानना भी जरूरी है। एक्सीडेंट की वजह से स्थायी अपंगता होने पर क्या कोई कंपनी लाभ दे रही है की नहीं, यह जानना आपके हित में है।
यदि आप कार चलाते हैं, तब आपको बीमा की जरूरत है। घर खरीद रहे हैं, तो एक बीमा चाहिए। स्वास्थ्य संबंधी खर्चों से बचाव के लिए भी चाहिए एक बीमा। भविष्य को ध्यान में रखकर निवेश संबंधी जो भी प्लान किया जाता है, उसमें बीमा को हम खास अहमियत देते हैं। जिस तरह आप किसी भी निवेश में अपना लाभ देखते हैं, ठीक वैसे ही बीमा लेते समय कुछ बातों को जानना बेहद जरूरी है।
जीवन बीमा लेते समय कुछ बातों पर हम गौर नहीं करते हैं, जैसे डिसेबिलिटी के बारे में। यह एक ऐसी चीज है, जिसे हममे से ज्यादातर लोग अनदेखा कर देते हैं। इस वजह से हमें डिसेबिलिटी के दौरान इंश्योरेंस का फायदा नहीं मिल पाता है। इसे आप इस प्रकार से समझ सकते हैं, जैसे आपने लाइफ इंश्योरेंस (जीवन बीमा) कवर लिया है। यह एक साधारण बीमा है, जो आपके परिवार को आपकी मृत्यु की स्थिति में एक निश्चित मात्रा में राशि देता है।
कितना कवर मिलेगा, इस बारे में बीमा एजेंट से जरूर बात करें
इन्स्योरेंश
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जब आप ट्रेन, एयरप्लेन, किसी अन्य वाहन से या अन्य किसी प्रकार से दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं और इससे मृत्यु हो जाती है, तब आपके परिवार को कुछ वित्तीय मदद मिलती है। लेकिन यदि आप केवल शारीरिक रूप से अक्षम हुए हैं, तब आपको कितना कवर मिलेगा, इस बारे में भी बीमा एजेंट से जरूर बात करें। हालांकि, हम इस पर ध्यान नहीं देते हैं। जबकि इंश्योरेंस में डिसेबिलिटी के फायदों के बारे में जानकारी होना जरूरी है।
यह आपके लिए तब ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है, जब आप किसी फैक्ट्री में मजदूर के रूप में काम करते हैं। यदि इस दौरान आपको कुछ चोट आ जाती है और हमेशा के लिए काम करने में अक्षम हो जाते हैं। तब इससे होने वाला वित्तीय नुकसान के बोझ से बच जाएंगे, क्योंकि उसकी भरपाई आपको इंश्योरेंस से हो जाएगी। यह आपकी कंपनी के हित में भी है, क्योंकि किसी दुर्घटना के दौरान यदि कर्मचारी शारीरिक रूप से अक्षम हो जाता है, तब इस स्थिति में उसे इंश्योरेंस कंपनी की ओर से वित्तीय मदद मिल जाती है।
ज्यादातर देशों, खासकर पश्चिम के देशों में डिसेबिलिटी के लिए अलग से इंश्योरेंस होता है और वहां इसे लाइफ इंश्योरेंस से ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि आप कब दुर्घटना का शिकार हो जाएं और अपना काम करने में अक्षम हो जाएं, कोई नहीं जानता। इस दौरान आपको वित्तीय समस्या से निजात पाने के लिए डिसेबिलिटी इंश्योरेंस जैसे विकल्प महत्वपूर्ण हो जाते हैं। भारत में कुछ कंपनियां एक्सीडेंटल इंश्योरेंस के नाम से इंश्योरेंस करती हैं। अगर आपको किफायती रूप से वह इंश्योरेंस मिल रहा है, तो उस पर विचार कर सकते हैं। साथ में यदि आपने लाइफ इंश्योरेंस भी करा रखा है, तो सोने पर सुहागा वाली बात होगी।