देश में कोरोना महामारी के साथ ब्लैक फंगस का कहर लगातार जारी है। ऐसे में इस खतरनाक महामारी से निपटने के लिए केंद्र सरकार अहम फैसले ले रही है। इसी क्रम में मंगलवार को केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने बड़ी जानकारी देते हुए बताया कि देश में ब्लैक फंगस दवा के उत्पादन की क्षमता को तीन लाख से बढ़ाकर प्रतिदिन सात लाख कर दिया गया है। ब्लैक फंगस की दवा की सात लाख शीशियों का आयात करने का फैसला किया गया है। 31 मई से पहले तीन लाख शीशीयां आ जाएंगी।
ये कंपनियां पहले से ही बना रहीं एम्फोटेरिसिन-बी
म्यूकोरमाइकोसिस या ब्लैक फंगस क्या है?
अमेरिका के सीडीसी के मुताबिक, म्यूकोरमाइकोसिस या ब्लैक फंगस एक दुर्लभ फंगल इंफेक्शन है। लेकिन ये गंभीर इंफेक्शन है, जो मोल्ड्स या फंगी के एक समूह की वजह से होता है। ये मोल्ड्स पूरे पर्यावरण में जीवित रहते हैं। ये साइनस या फेफड़ों को प्रभावित करता है।
जानिए इसके लक्षण क्या हैं
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन सिंह ने ट्वीट कर बताया है कि आंखों में लालपन या दर्द, बुखार, खांसी, सिरदर्द, सांस में तकलीफ, साफ-साफ दिखाई नहीं देना, उल्टी में खून आना या मानसिक स्थिति में बदलाव ब्लैक फंगस के लक्षण हो सकते हैं।