केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने मंगलवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसमें उन्होंने पीएम आयुष्मान भारत योजना, हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन, टीकाकरण अभियान एवं अन्य विषयों पर चर्चा की। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने ट्वीट करके इसकी जानकारी दी। बैठक में उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर जन-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं के कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए केंद्रीय धन का समय पर उपयोग करने की अपील की। उन्होंने ब्लॉक स्तर पर हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने एवं प्रिकॉशन डोज लगाने के अभियान को गति देने पर भी जोर दिया।
कोरोना टीकों की एहतियाती खुराक के कवरेज में तेजी लाने का किया आग्रह
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बैठक को लेकर जारी किए गए बयान में बताया कि मंत्री मंडाविया ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अमृत महोत्सव के तहत सार्वजनिक स्थानों पर टीकाकरण शिविर आयोजित करके कोविड-19 टीकों की एहतियाती खुराक के कवरेज में तेजी लाने का भी आग्रह किया।
मंडाविया ने उन्हें कॉर्बेवैक्स वैक्सीन की बूस्टर डोज की उपलब्धता को व्यापक रूप से प्रचारित करने और सार्वजनिक स्थानों जैसे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों, स्कूलों, कॉलेजों, तीर्थ मार्गों और धार्मिक स्थानों पर टीकाकरण शिविर आयोजित करने की सलाह दी। स्वास्थ्य मंत्रालय के बयान के अनुसार, अब तक 12.36 करोड़ एहतियाती खुराकें दी जा चुकी हैं।
सहकारी और सहयोगी संघवाद की भावना से काम कर रही केंद्र
मंडाविया ने इस मौके पर कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य देश भर में एक बहु-स्तरीय स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के नेटवर्क को बनाना उसका विस्तार और मजबूत करना है। इसके लिए सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ सहकारी और सहयोगी संघवाद की भावना से काम कर रही है।
इन राज्यों के स्वास्थ्यमंत्री हुए शामिल
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने टीकाकरण अमृत महोत्सव के तहत एहतियाती खुराक के प्रशासन पर विशेष ध्यान देने के साथ राष्ट्रीय कोविड-19 टीकाकरण अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की। बैठक में दिल्ली,हिमाचल प्रदेश,केरल,कर्नाटक, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, असम, हरियाणा, झारखंड, सिक्किम,तमिलनाडु,तेलंगाना, छत्तीसगढ़,उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के स्वास्थ्यमंत्री शामिल हुए। इस मौके पर मंडाविया ने कहा कि महामारी ने हमें हर जिले और ब्लॉक में महत्वपूर्ण देखभाल के बुनियादी ढांचे में निवेश करना सिखाया है। उन्होंने कहा कि सरकार नागरिकों को सुलभ, सस्ती, गुणवत्तापूर्ण और समान सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की दिशा में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है।
केंद्रीय निधि के कम उपयोग पर जताई चिंता
इस दौरान कुछ राज्यों में केंद्रीय निधि के कम उपयोग पर उन्होंने चिंता भी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि केंद्र द्वारा कम धन के उपयोग की समीक्षा करने के बजाय राज्यों को अपने प्रदर्शन को बढ़ाना चाहिए और स्वास्थ्य योजनाओं के त्वरित कार्यान्वयन के लिए केंद्र से धन की शीघ्रता से मांग करनी चाहिए।