वर्ष 1972 में पैदा हुए वाझे महाराष्ट्र पुलिस फोर्स में कार्यरत हैं, जिन्हें एनकाउंटर स्पेशलिस्ट भी कहा जाता है। बताया जाता है कि वे जब एक एनकाउंटर स्क्वॉड को लीड करते थे, तब उन्होंने 63 क्रिमिनल्स का एनकाउंटर किया था। वर्ष 1990 में वाझे ने महाराष्ट्र पुलिस फोर्स सब-इंस्पेक्टर के तौर पर जॉइन किया था, जिन्होंने कई ऐसे क्रिमिनल्स को मारा, जिनके कनेक्शन छोटा राजन और दाऊद इब्राहिम गैंग से थे।
मनसुख ने सीएम को लिखी चिट्ठी में खुद को बताया था पीड़ित
इस बीच, मनसुख हिरेन का 2 मार्च को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, गृह मंत्री अनिल देशमुख और मुंबई के पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह को लिखी गई एक चिट्ठी सामने आई है। इसमें हिरेन ने लिखा है कि उन्हें पुलिस और मीडिया की तरफ से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने आगे लिखा है कि बार-बार एक ही तरह का सवाल किया जा रहा था। मनसुख ने आरोप लगाया था कि वे इस केस में एक पीड़ित हैं, लेकिन उनके साथ आरोपी जैसा व्यवहार किया जा रहा है।
दोनों मामलों की जांच करेगी एटीएस
मुकेश अंबानी को धमकी मामले की जांच अब महाराष्ट्र एंटी टेरर स्क्वाड (एटीएस) की तरफ से की जाएगी। पहले केवल मनसुख हिरेन की मौत की जांच ही महाराष्ट्र एटीएस को सौंपी गई थी। अब इन दोनों ही मामलों की जांच राज्य एटीएस करेगी। अंबानी के घर के पास पिछले दिनों एक स्कॉर्पियो बरामद हुई थी, जिसमें जिलेटिन की 20 छड़ें थीं। इसके बाद 5 मार्च को गाड़ी के मालिक मनसुख का शव बरामद हुआ।