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PM Modi Mann ki Baat: पीएम बोले- कोरोना अब भी उतना ही घातक है, जितना पहले था

Sun, 26 Jul 2020 12:55 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

खास बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात कार्यक्रम के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। सबसे पहले उन्होंने कारगिल विजय दिवस का जिक्र करते हुए कहा कि 21 साल पहले भारतीय सेना ने भारत की जीत का झंडा फहराया था। उन्होंने युवाओं से वीर जवानों से जुड़ी कहानियां पढ़ने और साझा करने का अऩुरोध किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं वीर जवानों के साथ ही उन्हें जन्म देने वाली माताओं को भी नमन करता हूं। उन्होंने कारोना वायरस के खिलाफ देश के एकजुट होकर लड़ने की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह वायरस अब भी पहले की तरह खतरनाक है। प्रधानमंत्री ने मास्क की जरूरत भी बताई। इसके अलावा उन्होंने कहा कि इस साल 15 अगस्त अलग परिस्थितियों में मनाया जाएगा। यहां पढ़ें पीएम के संबोधन की बड़ी बातें- 
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नरेंद्र मोदी - फोटो : ANI
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लाइव अपडेट

11:40 AM, 26-Jul-2020

अलग परिस्थितियों में होगा इस बार 15 अगस्त

इस बार 15 अगस्त भी अलग परिस्थितियों में होगा। कोरोना महामारी की आपदा के बीच होगा। हमारा देश आज जिस ऊंचाई पर है, वो कई ऐसी महान विभूतियों की तपस्या की वजह से है, जिन्होंने राष्ट्र निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया, उन्हीं महान विभूतियों में से एक हैं ‘लोकमान्य तिलक’। अगली बार जब हम मिलेंगें तो, फिर ढ़ेर सारी बातें करेंगे, मिलकर कुछ नया सीखेंगे और सबके साथ साझा करेंगें।

11:38 AM, 26-Jul-2020

130 करोड़ भारतीयों की ओर से चंद्रिका प्रसाद को शुभकामनाएं

मेरे प्यारे देशवासियो सात समुद्र पार भारत से हजारों मील दूर एक छोटा सा देश है जिसका नाम है ‘सूरीनाम’। हाल ही में श्री चंद्रिका प्रसाद संतोखी, ‘सूरीनाम’ के नए राष्ट्रपति बने हैं, उन्होंने 2018 में आयोजित पीआईओ, पार्लियामेंट्री कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया थाI संतोखी जी ने शपथ की शुरुआत वेद मंत्रों के साथ की। अपने हाथ में वेद लेकर वे बोले- मैं चंद्रिका प्रसाद संतोखी और आगे मंत्रोच्चारण किया, 'ॐ अग्ने व्रतपते व्रतं चरिष्यामि तच्छकेयं तन्मे राध्यताम्। इदमहमनृतात् सत्यमुपैमि।' मैं श्री चंद्रिका प्रसाद संतोखी को बधाई देता हूं और अपने राष्ट्र की सेवा करने के लिए 130 करोड़ भारतीयों की ओर से उन्हें शुभकामनाएं देता हूं।

11:36 AM, 26-Jul-2020

देश का एक बड़ा हिस्सा बाढ़ से जूझ रहा है

इस समय बारिश का मौसम भी है। पिछली बार भी मैंने आप से कहा था कि बरसात में गंदगी और उनसे होने वाली बीमारी का खतरा बढ़ जाता है, अस्पतालों में भीड़ भी बढ़ जाती है। इसलिए सभी साफ-सफाई पर बहुत ज्यादा ध्यान दें। इस समय देश का एक बड़ा हिस्सा बाढ़ से जूझ रहा है। बिहार, असम जैसे राज्यों के कई क्षेत्रों में तो बाढ़ ने काफी मुश्किलें पैदा की हुई हैं, ऐसे में हर तरह से, राहत और बचाव के काम किए जा रहे हैं।

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11:32 AM, 26-Jul-2020

कई युवाओं की सफलता करती है प्रेरित

साथियों ऐसे और कई युवा दोस्त हैं कठिन परिस्थितियों में भी जिनके हौसलें और सफलता की कहानियां हमें प्रेरित करती हैं।

11:26 AM, 26-Jul-2020

हमारा देश बदल रहा है

साथियों विशेषकर मेरे युवा साथियों, हमारा देश बदल रहा है। कैसे बदल रहा है? कितनी तेजी से बदल रहा है? कैसे-कैसे क्षेत्रों में बदल रहा है? एक सकारात्मक सोच के साथ अगर निगाह डालें तो हम खुद अचंभित रह जाएंगे। कुछ ऐसा ही हाल ही में आए बोर्ड एग्जाम के रिजल्ट में भी दिखता है। आज ‘मन की बात’ में हम कुछ ऐसे ही प्रतिभाशाली बेटे-बेटियों से बात करते हैं। ऐसी ही हरियाणा, पानीपत की एक प्रतिभाशाली बेटी है कृतिका नांदल।

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11:22 AM, 26-Jul-2020

गौरवमयी इतिहास समेटे है भारत का हैंडलूम

साथियों जब हम कुछ नया करने का सोचते हैं, इनोवेटिव सोचते हैं तो ऐसे काम भी संभव हो जाते हैं, जिनकी आम-तौर पर कोई कल्पना नहीं करता, जैसे कि बिहार के कुछ युवाओं को ही लीजिए। कुछ दिन बाद रक्षाबंधन का पावन पर्व आ रहा है। 7 अगस्त को नेशनल हैंडलूम डे है। भारत का हैंडलूम, हमारा हैंडीक्राफ्ट अपने आप में सैकड़ो वर्षों का गौरवमयी इतिहास समेटे हुए है।

11:20 AM, 26-Jul-2020

भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कर रहे हैं हटकर काम

छोटे-छोटे स्थानीय उत्पादों से कैसे बड़ी सफलता मिलती है, इसका एक उदहारण झारखंड से भी मिलता है। मैं देश के दो इलाकों के बारे में भी बात करना चाहता हूं, दोनों एक-दूसरे से सैकड़ों किलोमीटर दूर हैं और अपने-अपने तरीके से भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कुछ हटकर के काम कर रहे हैं। एक है लद्दाख और दूसरा है कच्छ। लद्दाख में एक विशिष्ट फल होता है जिसका नाम चूली या एप्रिकोट यानी खुबानी। दूसरी ओर कच्छ में किसान ड्रैगन फ्रूट्स की खेती के लिए सराहनीय प्रयास कर रहे हैं। आज कई किसान इस कार्य में जुटे हैं। फल की गुणवत्ता और कम जमीन में ज्यादा उत्पाद को लेकर काफी इनोवेशन किए जा रहे हैं। 

11:18 AM, 26-Jul-2020

देश के युवा टैलेंट और स्किल के दम पर कर रहे हैं नए प्रयोग

सकारात्मक अप्रोच से हमेशा आपदा को अवसर में विपत्ति को विकास में बदलने में मदद मिलती है। हम कोरोना के समय भी देख रहे हैं कि कैसे देश के युवाओं-महिलाओं ने टैलेंट और स्किल के दम पर कुछ नए प्रयोग शुरू किए हैं। बंबू से आप अगर इनकी क्वालिटी देखेंगे तो भरोसा नहीं होगा कि बांस की बोतलें भी इतनी शानदार हो सकती हैं और फिर ये बोतलें इको-फ्रेंडली भी हैं।

11:16 AM, 26-Jul-2020

कोरोना काल में ग्रामीणों ने दिखाई दिशा

एक तरफ हमें कोरोना के खिलाफ लड़ाई को पूरी सजगता और सतर्कता के साथ लड़ना है तो दूसरी ओर कठोर मेहनत से व्यवसाय, नौकरी, पढ़ाई जो भी कर्तव्य हम निभाते हैं, उसमें गति लानी है, उसको नई ऊंचाई पर ले जाना है। साथियों कोरोना काल में तो हमारे ग्रामीण क्षेत्रों ने पूरे देश को दिशा दिखाई है। गांवो से स्थानीय नागरिकों और ग्राम पंचायतों के अनेक अच्छे प्रयास लगातार सामने आ रहे हैं। कोरोना अभी भी उतना ही घातक है जितना पहले था।

11:15 AM, 26-Jul-2020

किसी भी व्यक्ति को खोना दुखद है

निश्चित रूप से एक भी व्यक्ति को खोना दुखद है, लेकिन भारत अपने लाखों देशवासियों का जीवन बचाने में सफल भी रहा है। कभी-कभी हमें मास्क से तकलीफ होती है और मन करता है कि चेहरे पर से मास्क हटा दें। बातचीत करना शुरू करते हैं। जब मास्क की ज्यादा जरूरत होती है, उसी समय मास्क हटा देते हैं। 

11:13 AM, 26-Jul-2020

एकजुट होकर देश ने किया कोरोना का मुकाबला

कभी-कभी हम इस बात को समझे बिना सोशल मीडिया पर ऐसी चीजों को बढ़ावा दे देते हैं जो हमारे देश का बहुत नुकसान करती हैं। कभी-कभी जिज्ञासावश फॉरवर्ड करते रहते हैं। पता है गलत है ये- करते रहते हैं। पिछले कुछ महीनों से देश ने एकजुट होकर जिस तरह कोरोना से मुकाबला किया है, उसने अनेक आशंकाओं को गलत साबित किया है। देश में रिकवरी रेट अन्य देशों के मुकाबले बेहतर है, मृत्यु-दर भी दुनिया के ज्यादातर देशों से काफी कम है।

11:11 AM, 26-Jul-2020

अटलजी की बात आज भी प्रासंगिक है

साथियों कारगिल युद्ध के समय अटल जी ने लालकिले से जो कहा था वो आज भी हम सभी के लिए बहुत प्रासंगिक है। राष्ट्र सर्वोपरी का मंत्र लिए, एकता के सूत्र में बंधे देशवासी, हमारे सैनिकों की ताकत को कई हजार गुना बढ़ा देते हैं। हमारे यहां तो कहा गया है न ‘संघे शक्ति कलौ युगे’।

11:07 AM, 26-Jul-2020

मां-भारती के सच्चे सपूतों को जन्म देने वाली माताओं को करता हूं नमन

मैं आज सभी देशवासियों की तरफ से हमारे इन वीर जवानों के साथ-साथ, उनकी माताओं को भी नमन करता हूं, जिन्होंने, मां-भारती के सच्चे सपूतों को जन्म दिया। मेरा देश के नौजवानों से आग्रह है कि आज दिन-भर कारगिल विजय से जुड़े हमारे जाबाजों की कहानियां, वीर-माताओं के त्याग के बारे में, एक-दूसरे को बताएं, शेयर करें।

11:06 AM, 26-Jul-2020

देश भर में लोग कारगिल विजय को कर रहे हैं याद 

साथियों उस समय, मुझे भी कारगिल जाने और हमारे जवानों की वीरता के दर्शन का सौभाग्य मिला, वो दिन, मेरे जीवन के सबसे अनमोल क्षणों में से एक है। मैं, देख रहा हूं कि आज देश भर में लोग कारगिल विजय को याद कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर हैशटैग करेज इन कारगिल के साथ लोग अपने वीरों को नमन कर रहें हैं, जो शहीद हुए हैं उन्हें श्रद्धांजलि दे रहें हैं।

11:04 AM, 26-Jul-2020

भारत कभी नहीं भूल कारगिल युद्ध

कारगिल का युद्ध जिन परिस्थितियों में हुआ था, वो भारत कभी नहीं भूल सकता। दुष्ट का स्वभाव ही होता है सबसे बिना वजह दुश्मनी करना, हित करने वाले का भी नुकसान सोचना। पाकिस्तान ने पीठ पर छुरा घोंपा था। जिसे जवानों ने नाकाम कर दिया। पाकिस्तान ने बड़े-बड़े मंसूबे पालकर भारत की भूमि हथियाने और अपने यहां चल रहे आंतरिक कलह से ध्यान भटकाने को लेकर दुस्साहस किया था। आप कल्पना कर सकते हैं- ऊंचे पहाड़ों पर बैठा हुआ दुश्मन और नीचे से लड़ रही हमारी सेना, हमारे वीर जवान लेकिन जीत पहाड़ की ऊंचाई की नहीं, भारत की सेनाओं के ऊंचे हौंसलें और सच्ची वीरता की हुई।

11:02 AM, 26-Jul-2020

21 साल पहले सेना ने फहराया था भारत की जीत का झंडा

प्यारे देशवासियो, नमस्कार। आज 26 जुलाई है, आज का दिन बहुत खास है। आज ‘कारगिल विजय दिवस’ है। 21 साल पहले आज के ही दिन कारगिल के युद्ध में हमारी सेना ने भारत की जीत का झंडा फहराया था।

10:54 AM, 26-Jul-2020

पीएम ने कहा- कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है, पढ़ें मन की बात की बड़ी बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'मन की बात' कार्यक्रम के जरिए देशवासियों को संबोधित कर रहे हैं। 11 जुलाई को प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा था कि जो भी 'मन की बात' कार्यक्रम के लिए कोई सलाह देना चाहते हैं तो विभिन्न माध्यमों से दे सकते हैं। यह उनके मासिक रेडियो कार्यक्रम की 67वीं कड़ी है।

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