दरअसल, पीएम पद से हटने के बाद बतौर राज्यसभा सांसद मनमोहन सिंह ने इसी बंगले में रहे। उन्होंने राज्यसभा में सांसद के रूप में अपना आखिरी कार्यकाल भी सिंह इसी बंगले में पूरा किया। मनमोहन जिस अभी जिस बंगले में रह रहे थे। वह बंगला कभी शीला दीक्षित का आधिकारिक आवास हुआ करता था। हालांकि दिल्ली के सीएम पद से हटने के बाद शीला दीक्षित ने यह बंगला खाली कर दिया। इसके बाद ये बंगला पूर्व पीएम को आवंटित कर दिया गया।
हालांकि पूर्व पीएम के निधन के बाद भी उनकी पत्नी गुरुशरण कौर भी इस बंगले में पूर्व प्रधानमंत्री की पत्नी के रूप में रहेगी। यह बंगला उनकी पत्नी को तब तक आवंटित रहेगा जब तक वह अपनी स्वेच्छा से मना न कर दें या फिर उनका भी निधन न हो जाए। लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री के बच्चों को यह बंगला नहीं आवंटित होगा। इस लिहाज से मनमोहन सिंह के निधन के बाद भी 3 मोतीलाल नेहरू मार्ग पर वह पूर्व प्रधानमंत्री की पत्नी की हैसियत से रहती रहेंगी।
ये सुविधाएं मिलती रहेगी
गुरुशरण कौर को भी सुरक्षा और कैबिनेट मंत्री के बराबर की सुविधाएं मिलती रहेंगी। उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री का पेंशन भी मिलता रहेगी। पूर्व प्रधानमंत्री को 20 हजार रुपये महीना पेंशन के साथ-साथ आजीवन मुफ्त आवास, फ्री मेडिकल फैसिलिटी, हवाई जहाज में रियायत दरों पर यात्रा, फ्री रेल यात्रा, जिंदगी भर फ्री बिजली-पानी और निजी सहायक मिलता रहेगा।
देश के पहले सिख पीएम रहे मनमोहन
देश के पहले सिख पीएम, सबसे लंबे समय इस पद पर रहने वाले चौथे नेता मनमोहन सिंह, 2004 में देश के 14वें प्रधानमंत्री बने थे। उन्होंने मई 2014 तक इस पद पर दो कार्यकाल पूरे किए थे। वे देश के पहले सिख और सबसे लंबे समय तक रहने वाले चौथे प्रधानमंत्री थे। उनके निधन पर केंद्र ने 7 दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे बेलगावी से गुरुवार देर रात दिल्ली पहुंचने के बाद सीधे मनमोहन सिंह के आवास गए थे। राहुल ने सोशल मीडिया पर लिखा- मैंने अपना मार्गदर्शक और गुरु खो दिया। कांग्रेस ने 3 जनवरी तक अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं।