कानून और ने माना कि शिक्षा से जुड़ना लाभ का पद नहीं है, इसलिए पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह पंजाब यूनिवर्सिटी में अपनी सेवाएं दे सकते हैं। डॉ. मनमोहन सिंह उच्च शिक्षण संस्थान में पढ़ाने वाले पहले पूर्व प्रधानमंत्री होंगे। वह पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में जवाहर लाल नेहरू चेयर की अध्यक्षता करेंगे।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक डॉ. मनमोहन सिंह ने पूछा था कि क्या वे पंजाब यूनिवर्सिटी में शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे सकते हैं?। इस पर 22 सितंबर को मंत्रालय में बैठक हुई थी। मंत्रालय ने इस पर यूजीसी से नियमों की जानकारी मांगी। मंत्रालय का कहना है कि शिक्षा से जुड़ना कोई लाभ का पद नहीं है।
इससे पहले विधि मंत्रालय से भी जानकारी मांगी गयी थी। बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने पंजाब यूनिवर्सिटी से ही 1954 में मास्टर डिग्री ली थी। इसके बाद वे वर्ष 1957 से 1963 तक अर्थशास्त्र के प्रोफेसर के रूप में सेवाएं देते रहे।