कांग्रेस को लगता है कि आगामी लोकसभा चुनाव बिना समविचारी दलों के
गठबंधन के अकेले कांग्रेस अपने दम पर भाजपा को नहीं हरा सकती। इसलिए
कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने महागठबंधन की जरूरत पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि देश में ‘अघोषित आपातकाल’ से भी बदतर स्थिति है। मनीष तिवारी ने एक पुस्तक के विमोचन के अवसर पर यह बात कही।
कांग्रेस प्रवक्ता तिवारी ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस तरह के प्रयासों का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सही सोच वाले लोगों के समर्थन के बिना अकेले लड़ नहीं सकती। हालांकि मनीष तिवारी ने यह भी कहा कि चुनावी कारणों की वजह से महागठबंधन की आवश्यकता नहीं है, बल्कि भारत के संस्थापक दृष्टि को बचाने के लिए यह कदम उठाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हमें मौजूदा स्थिति को बदलने के लिए 2019 का लोकसभा चुनाव जीतना होगा।
गुजरात विधानसभा और राजस्थान उपचुनाव में पार्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया
सोनिया गांधी, राहुल गांधी
बता दें कि हाल ही में सोनिया गांधी ने कांग्रेस संसदीय दल की मीटिंग की थी। जिसमें 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों को लेकर चर्चा हुई थी। कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 2019 लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को हराने के लिए समान विचार वाले दलों के साथ गठबंधन पर विचार करने की बात कही थी।
दिल्ली में सीपीपी मीटिंग में सोनिया ने कहा था कि 'गुजरात विधानसभा और राजस्थान उपचुनाव में पार्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया है। ऐसे में कांग्रेस अध्यक्ष (राहुल गांधी) और समान विचार वाले दलों के साथ जुड़कर काम करने के लिए मैं भाजपा को 2019 में हराने के लिए तैयार हूं। जिससे भारत एक बार फिर लोकतांत्रिक, समावेशी, धर्मनिरपेक्ष, सहिष्णु और आर्थिक रूप से प्रगति के पथ पर वापस लौट आएगा।'
यही नहीं सोनिया ने आगे कहा था कि 'गुजरात और राजस्थान में पार्टी के प्रदर्शन से साफ है कि देश में बदलाव की हवा चल निकली है इसलिए सभी कार्यकर्ता 2019 की तैयारी शुरू कर दें।' गौरतलब है कि कांग्रेस ने गुजरात चुनाव में भाजपा को कड़ी टक्कर देते हुए 80 सीटों पर जीत हासिल की थी वहीं हाल ही में राजस्थान में विधानसभा की तीन सीटों पर हुए उपचुनाव में पार्टी ने भाजपा को हराया है।
गौरतलब है कि 2014 में हुए आम चुनाव में कांग्रेस को भाजपा ने बुरी तरह हराया था। कांग्रेस महज 44 सीटों पर ही सिमट कर रह गई थी। वहीं भाजपा ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और नरेंद्र मोदी के करिशमे के चलते कुल 283 सीटें हासिल की थीं।